लखनऊ: मायावती ने रविवार को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की बड़ी समीक्षा बैठक की। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अहम निर्देश दिए गए। बसपा सुप्रीमो ने सख्त लहजे में कहा कि चुनाव की तैयारी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और विपक्ष की हर रणनीति का मजबूती से जवाब देने पर जोर दिया।
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बसपा और आयरन लेडी के नेतृत्व पर भरोसा
बैठक के दौरान मायावती ने जनता से अपील करते हुए कहा कि उन्हें एक बार फिर बसपा और उसके आयरन लेडी नेतृत्व पर भरोसा करना होगा। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों की संकीर्ण और छलावापूर्ण राजनीति से बचने की जरूरत है। बसपा को पांचवीं बार सत्ता में लाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा।
बैठक में बूथ, जिला, विधानसभा और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की। मायावती ने नेताओं को निर्देश दिया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए, पार्टी के लिए आर्थिक सहयोग जुटाया जाए और सभी वर्गों में जनाधार बढ़ाने पर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन सबसे जरूरी है।
सरकारों पर लगाए बड़े आरोप
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारों की नीतियां बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के पक्ष में बनाई जा रही हैं, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दल बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनहित के मुद्दों से दूरी बना लेते हैं। इससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस करती है।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने कहा कि बसपा सरकार ने चार बार कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और सर्वसमाज को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर काम करती रही है। 2007 की तरह इस बार भी पूरी ताकत से चुनाव लड़ना होगा।
हाथी पर बटन दबाने का लगा नारा
मायावती ने कार्यकर्ताओं को हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है मिशन को सफल बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देगी जिनकी छवि मजबूत हो और जिनका जनता के बीच अच्छा जनाधार हो। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को विपक्ष के भ्रामक प्रचार और साजिशों से सतर्क रहने की सलाह दी। बैठक में मायावती ने हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे सबक लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले साल होने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी को पहले से ज्यादा सतर्क और सक्रिय रहना होगा।
कांशीराम के मिशन का किया जिक्र
कांशीराम का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि बसपा का लक्ष्य सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति है। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने इस मिशन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और वह भी उसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। मायावती ने कहा कि 2007 में ब्राह्मण समाज समेत सभी कमजोर वर्गों को सम्मान और भागीदारी देने का काम बसपा सरकार ने किया था।
उम्मीदवार चयन में जातीय समीकरण पर फोकस
कानपुर देहात के बसपा जिलाध्यक्ष रमाकांत निराला ने बताया कि बैठक में बूथ कमेटियों के गठन और संगठन की समीक्षा की गई। वहीं देवीपाटन मंडल प्रभारी नरेंद्र गौतम ने कहा कि बहनजी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि टिकट उसी को मिलेगा जो अभी से मेहनत करेगा और जनता के बीच सक्रिय रहेगा। वरिष्ठ पत्रकार सैयद कासिम के अनुसार, इस बार टिकट वितरण में जातीय समीकरण को अहम माना जाएगा। यानी उम्मीदवार वही होगा, जिसका सामाजिक और जातीय संतुलन संबंधित सीट पर फिट बैठेगा।
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