नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर आयोजित संसद मार्च के दौरान दिल्ली में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से वीडियो जारी कर दावा किया कि पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.
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पीटीआई की ओर साझा किए गए एक वीडियो में सीजेपी के प्रदर्शनकारी मेट्रो स्टेशन के अंदर दिखाई दे रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर सामने आए कई अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारियों को नारेबाज़ी करते हुए भी सुना जा सकता है. इधर सीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास की कुछ तस्वीरें साझा की हैं. इन तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नज़र आ रहे हैं.
इस घटनाक्रम के बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक समेत कुछ अन्य मेट्रो स्टेशन प्रभावित हुए हैं.
अभिजीत दीपके ने अनशन तोड़ा

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीसरे दिन सोमवार को अपना अनशन तोड़ दिया. समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में अभिजीत दीपके अपनी भूख हड़ताल समाप्त करते हुए नज़र आ रहे हैं. दरअसल, शनिवार को जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया था, इसके बाद अभिजीत दीपके अनशन पर बैठ गए थे.
पिता ने भी जताई चिंता
इससे पहले अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके ने अपने बेटे की सेहत को लेकर चिंता जताई है. भगवान दीपके ने कहा था, “अभिजीत ने इससे पहले कभी भूख हड़ताल नहीं की है. अगर वह लंबे समय तक खाना नहीं खाता है, तो उसे चक्कर आने लगते हैं. अगर मैं भी ज़्यादा देर तक भूखा रहता हूँ तो मुझे चक्कर आने लगते हैं. यह हमारे परिवार में पीढ़ियों से है. उसे अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए. मैं बहुत चिंतित हूँ.”
सोनम वांगचुक ने की ये मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफ़दरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है. सोनम वांगचुक ने कहा कि वो ठीक महसूस कर रहे हैं और उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए.
उन्होंने अस्पताल पत्र में लिखा, “मैं आज पूरी तरह ठीक महसूस कर रहा हूं और मेरी सेहत से जुड़े सभी पैरामीटर्स सामान्य हैं. इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि मुझे अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए, चाहे कुछ समय के लिए ही सही, ताकि मैं आज संसद चलो मार्च में शामिल हो सकूं. इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा.”
पूर्व में भी लिखा था पत्र
इससे पहले सोनम वांगचुक ने सोमवार सुबह एक पत्र और जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपना अनशन ख़त्म करने की शर्तें बताई. इसमें उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार हाल के शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर लेती है या सांसद उन्हें आश्वस्त करते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 20 जुलाई को समाप्त कर देंगे.


