Thursday, July 23, 2026

झारखंड-बिहार में बाबा ग्रुप के ठिकानों से शराब और नोटों की गड्डियां बरामद, दूसरे दिन भी छापेमारी जारी

रांची: झारखंड और बिहार में फैला बाबा एग्रो और बाबा फूड प्रोसेसिंग ग्रुप का व्यापारिक साम्राज्य इस समय आयकर विभाग के रडार पर है। रांची स्थित अनुसंधान शाखा की ओर से शुरू की गई छापेमारी शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी है। इस कार्रवाई ने तब सनसनी मचा दी जब चावल व्यापारियों के ठिकानों से न केवल भारी मात्रा में नकदी, बल्कि बिहार जैसे शराबबंदी वाले राज्य में कीमती विदेशी शराब की बोतलें भी बरामद की गईं।

45 ठिकानों पर IT की दबिश

आयकर विभाग ने 29 जनवरी की सुबह एक साथ झारखंड और बिहार के 45 ठिकानों पर धावा बोला था। इसमें बाबा ग्रुप के निदेशकों, उनके सहयोगियों और चावल के बड़े आढ़तियों (कमीशन एजेंट) को निशाना बनाया गया है। रांची के कांके रोड, रातू रोड और नगड़ी स्थित ठिकानों के अलावा जमशेदपुर, हजारीबाग, पटना और गया में यह कार्रवाई चल रही है।

दूसरे दिन की छापेमारी में अधिकारियों के हाथ कच्चे व्यापार से जुड़े ऐसे दस्तावेज लगे हैं। कई ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली है कि आयकर विभाग को गिनती के लिए मशीनें और बैंक अधिकारियों को बुलाना पड़ा। बिना हिसाब-किताब वाले लेनदेन की डायरियां और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं। वहीं छापेमारी की भनक लगते ही ग्रुप से जुड़े कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और अकाउंट्स विभाग के कर्मचारी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

गया में मिला ‘शराब का जखीरा’

इस पूरी कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू बिहार के गया से सामने आया। वहां एक बड़े आढ़तिया के ठिकाने से कीमती विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी होने के बावजूद एक प्रतिष्ठित व्यापारी के पास से शराब मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आयकर विभाग के अधिकारी भी इस बरामदगी से हैरान हैं और अब उत्पाद विभाग को इसकी सूचना देने की तैयारी की जा रही है।

करोड़ों के टर्नओवर में हेरफेर का शक

जानकारी के अनुसार बाबा एग्रो और बाबा फूड प्रोसेसिंग का सालाना टर्नओवर 300 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये के बीच बताया जाता है। विभाग को पुख्ता जानकारी मिली थी कि वास्तविक आय को छिपाकर बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की जा रही है।

फिलहाल, इस कार्रवाई से पूरे चावल बाजार और व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ठिकानों को सील कर दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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