Thursday, September 17, 2026

कैरव अपहरण कांड: 4 स्पेशल टीमें एक्टिव, इंडोनेशिया से आया फिरौती का फोन!

जमशेदपुर के उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी के रहस्यमयी ढंग से गायब होने के मामले ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है. दो दिनों से अब तक कैरव गांधी का कुछ पता नहीं चल सका है. लेकिन इस बीच परिजनों का कहना है कि इंडोनेशिया के एक व्हाट्सएप नंबर (+62-831-94765544) से धमकी भरा कॉल आया है, जिसमें कहा गया है कि यदि फिरौती की रकम नहीं मिली तो कैरव की हत्या कर दी जाएगी.

कैरव अपने साथ चेक लेकर निकला था!

आपको बता दें कि शुरुआत में चर्चा थी कि कैरव घर से 5 करोड़ रुपये कैश लेकर निकला था, लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार वह अपने साथ एक चेक लेकर गया था.हालांकि फिरौती की सटीक राशि का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नंबर से आई इस धमकी ने मामले को और भी पेचीदा कर दिया है.

वहीं इस घटना को लेकर सिटी एसपी कुमार शिवाशीष का कहना है कि, यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रहा है. जांच में सामने आया है कि अपराधियों ने कैरव की गतिविधियों की लंबे समय तक रेकी की थी और उन्हें उसके आने-जाने के रास्तों की सटीक जानकारी थी, पुलिस को कैरव की क्रेटा कार चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा में लावारिस हालत में मिली थी. कार की चाबी अंदर फर्श पर ही पड़ी हुई थी, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि कैरव को डरा-धमकाकर वहीं से किसी दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया गया है.

कैरव की जांच के लिए SIT का गठन

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया है. पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए कुल चार विशेष टीमों (SIT) का गठन किया है. ये टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी करने के साथ-साथ तकनीकी पहलुओं और उस अंतरराष्ट्रीय नंबर की गहनता से जांच करने में जुटी हुई हैं. पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए अपहरणकर्ताओं के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश में जुटी है.

13 जनवरी से है लापता

बता दें कि 13 जनवरी को दोपहर करीब 2.30 बजे कैरव घर से निकला था.  और उसका अपहरण रात 8.00 बजे के बीच किया गया. तीन दिन बीत जाने के बाद कैरव का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है. जिससे परिजन परेशान और दुखी है.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर