धनबाद : झारखंड में करीब नौ साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) संपन्न हो गया। राज्यभर में परीक्षा के लिए केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चली।
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धनबाद की बात करें तो यहां परीक्षा के लिए कुल 108 केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब 38 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों के विलंब से परीक्षा केंद्र पहुंचने के कारण परीक्षा छूटने की भी खबर सामने आई। वहीं, परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही थी। समाहरणालय में परीक्षा नियंत्रण कक्ष बनाया गया था, जबकि डीसी और एसएसपी समेत कई वरीय अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे। धनबाद में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे।
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर संतोष देखने को मिला। मीडिया से बातचीत में परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र सिलेबस के अनुसार ही था और सभी विषयों के सवाल अच्छे थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि करीब नौ साल बाद परीक्षा आयोजित होना काफी देरी की बात है। कई छात्र वर्षों तक तैयारी करने के बावजूद शिक्षक बनने का मौका नहीं पा पाते हैं। अगर समय पर परीक्षा आयोजित होती रहे, तो अभ्यर्थियों का कीमती समय बर्बाद नहीं होगा।

