राँची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में सलाखों के पीछे बंद छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत में केडिया की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हुई। विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बचाव पक्ष और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब 7 अप्रैल को फैसला सुनाएगी।
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केडिया पर क्या है आरोप?
नवीन केडिया पर आरोप है कि पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान उन्होंने झारखंड में निम्न गुणवत्ता वाली शराब की आपूर्ति की थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उनकी कंपनी द्वारा सप्लाई की गई शराब में शीशे के कण तक पाए गए थे, जो आम जनता के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ था। इसके अलावा, उन पर आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने और अवैध वित्तीय लाभ लेने के भी गंभीर आरोप हैं।
फरारी और लुका-छिपी का खेल
नवीन केडिया की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। सबसे पहले एसीबी ने उन्हें इसी साल 7 जनवरी को गोवा के एक स्पा सेंटर से गिरफ्तार किया था। गोवा की अदालत ने उन्हें 4 दिनों की अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी थी कि वे 12 जनवरी तक रांची एसीबी के सामने सरेंडर करेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और केडिया ने सरेंडर करने के बजाय भागना बेहतर समझा। इसके बाद वे लंबे समय तक फरार रहे। आखिरकार, 10 मार्च को एसीबी की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें फिर से दबोचा।
अब आगे क्या?
सुनवाई के दौरान एसीबी के वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केडिया के बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है, खासकर तब जब वे पहले भी कानून की गिरफ्त से भाग चुके हैं। वहीं बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पेश की हैं।
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