दिल्ली : ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट आए हैं। शुक्रवार देर रात ईरान से दिल्ली पहुंचे इन नागरिकों में बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र शामिल हैं। हालात खराब होने के चलते भारत सरकार और भारतीय दूतावास की मदद से इन लोगों की वापसी संभव हो सकी। जानकारी के मुताबिक इस समय ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें छात्र, कारोबारी और विभिन्न पेशेवर शामिल हैं। इनमें से लगभग 2500 से 3000 छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए ईरान गए हुए हैं।
ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने बताया कि वहां हालात काफी खराब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और दूतावास लगातार संपर्क में थे और जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी गई। नागरिक ने कहा कि सरकार का सहयोग बहुत सराहनीय रहा। एक मेडिकल छात्र अर्श दहरा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वे अपनी निजी व्यवस्था से दिल्ली लौटीं। इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि जरूरत पड़ने पर ईरान में फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट किया जाएगा।
दरअसल, ईरान में ईरानी मुद्रा रियाल के भारी गिरावट और बढ़ती महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 से प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए। ईरान इंटरनेशनल नाम की वेबसाइट ने दावा किया है कि इन प्रदर्शनों में अब तक करीब 12 हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर लोगों की जान गोली लगने से गई है। ईरान से लौटे एक अन्य भारतीय नागरिक ने बताया कि बीते एक-दो हफ्तों से हालात और ज्यादा खराब हो गए थे। बाहर निकलने पर प्रदर्शनकारी रास्ते में रोक लेते थे और परेशान करते थे। इंटरनेट बंद होने की वजह से वे अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे थे और दूतावास से भी बात करना मुश्किल हो गया था।
वहीं जम्मू-कश्मीर से लौटे एक नागरिक ने कहा कि विरोध प्रदर्शन काफी खतरनाक हो चुके थे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने समय रहते प्रयास किए और छात्रों को सुरक्षित वापस ले आई। इस बीच सरकार की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि विदेशों में फंसे हर भारतीय की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता


