रांची : रांची के डेली मार्केट थाना क्षेत्र में टैक्सी स्टैंड पर सोनू इमरोज़ हत्या मामले को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य की गृह सचिव वंदना दादेल ऑनलाइन कोर्ट में उपस्थित हुईं और मामले में हुई लापरवाही के लिए माफी मांगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि हाईकोर्ट से शमशेर और अरशद को मिली अग्रिम जमानत को दो सप्ताह के भीतर चुनौती दी जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणी
सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ में हुई। जमानत याचिका पर विचार शुरू होते ही कोर्ट ने पूछा कि गृह सचिव मौजूद हैं या नहीं। उनकी उपस्थिति के बाद न्यायालय ने सरकार से कड़ी नाराज़गी जताई और पूछा कि इतनी लापरवाही क्यों बरती गई, जिससे कोर्ट को सख्त आदेश देना पड़ा। गृह सचिव और सरकारी वकील, दोनों ने माफी मांगी।
कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से यह पूछा कि इमरान उर्फ गुड्डू, अरशद और शमशेर के खिलाफ पुलिस ने कैसे क्लोज रिपोर्ट दायर की, जबकि चश्मदीद गवाह मौजूद थे, मृतक के पिता ने भी शिकायत की थी। सरकार की ओर से बताया गया कि जांच अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण सबूतों का जिक्र रिपोर्ट में नहीं किया था।
ट्रायल कोर्ट में भी उठ चुका है मामला
सरकारी पक्ष ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने धारा 319 के तहत इमरान, अरशद और शमशाद को फिर से अभियुक्त बनाया था। अरशद और शमशाद ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी और उन्हें अग्रिम ज़मानत मिल गई। इमरान ने आदेश को चुनौती नहीं दी, वह अदालत में पेश नहीं हुआ, जिस पर गैर-जमानती वारंट जारी हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। इमरान की जमानत हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
कोर्ट का निर्देश
गृह सचिव द्वारा जमानत को चुनौती देने का भरोसा देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इमरान उर्फ गुड्डू की जमानत याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि इमरान, अरशद और शमशाद तीनों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।


