Thursday, July 23, 2026

सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव ने मांगी माफी, इमरोज़ हत्याकांड में दो अभियुक्तों की जमानत को चुनौती देने का वादा

रांची  : रांची के डेली मार्केट थाना क्षेत्र में टैक्सी स्टैंड पर सोनू इमरोज़ हत्या मामले को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य की गृह सचिव वंदना दादेल ऑनलाइन कोर्ट में उपस्थित हुईं और मामले में हुई लापरवाही के लिए माफी मांगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि हाईकोर्ट से शमशेर और अरशद को मिली अग्रिम जमानत को दो सप्ताह के भीतर चुनौती दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणी

सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ में हुई। जमानत याचिका पर विचार शुरू होते ही कोर्ट ने पूछा कि गृह सचिव मौजूद हैं या नहीं। उनकी उपस्थिति के बाद न्यायालय ने सरकार से कड़ी नाराज़गी जताई और पूछा कि इतनी लापरवाही क्यों बरती गई, जिससे कोर्ट को सख्त आदेश देना पड़ा। गृह सचिव और सरकारी वकील, दोनों ने माफी मांगी।

कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से यह पूछा कि इमरान उर्फ गुड्डू, अरशद और शमशेर के खिलाफ पुलिस ने कैसे क्लोज रिपोर्ट दायर की, जबकि चश्मदीद गवाह मौजूद थे, मृतक के पिता ने भी शिकायत की थी। सरकार की ओर से बताया गया कि जांच अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण सबूतों का जिक्र रिपोर्ट में नहीं किया था।

ट्रायल कोर्ट में भी उठ चुका है मामला

सरकारी पक्ष ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने धारा 319 के तहत इमरान, अरशद और शमशाद को फिर से अभियुक्त बनाया था। अरशद और शमशाद ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी और उन्हें अग्रिम ज़मानत मिल गई। इमरान ने आदेश को चुनौती नहीं दी, वह अदालत में पेश नहीं हुआ, जिस पर गैर-जमानती वारंट जारी हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। इमरान की जमानत हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

Also Read : घाटशिला उपचुनाव: चौथे राउंड के बाद झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन की बढ़त कायम, बाबूलाल सोरेन पर 7414 वोटों की बनाई बढ़त

कोर्ट का निर्देश

गृह सचिव द्वारा जमानत को चुनौती देने का भरोसा देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इमरान उर्फ गुड्डू की जमानत याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि इमरान, अरशद और शमशाद तीनों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर