राँची: झारखंड में लंबे समय से रिक्त पड़े संवैधानिक पदों को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में एक बड़ा आश्वासन देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश में लोकायुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 7 अप्रैल से पहले इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
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हाईकोर्ट की सख्ती का असर
राज्य की प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं में प्रमुख पदों के खाली रहने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल वर्तमान में लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को याद दिलाया कि इन पदों का रिक्त रहना शासन और न्याय प्रक्रिया के लिए सही नहीं है। जिसके बाद बुधवार 1 अप्रैल को राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को भरोसा दिया गया कि नियुक्तियों को लेकर देरी अब खत्म होगी। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 7 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
क्यों अहम है यह फैसला?
राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लोकायुक्त और सूचना के अधिकार को सशक्त बनाने के लिए सूचना आयुक्त की भूमिका अनिवार्य है। इन पदों के खाली होने से जनता की शिकायतों का निपटारा अधर में लटका हुआ था। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अभय मिश्रा ने दलील दी कि इन संस्थाओं के निष्क्रिय होने से आम जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।


