न्यूज डेस्क : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के खिलाफ सोशल मीडिया पर जानबूझकर वायरल किए गए AI-जनित फ़र्ज़ी पोस्ट के मामले में पुलिस ने संज्ञान लिया है. इस मामले को लेकर घाटशिला थाना में कांड संख्या 75/2025 के तहत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. बताया जा रहा है कि इन पोस्ट में कथित तौर भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया.
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इस संबंध में भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इस अमर्यादित पोस्ट के जरिए न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है बल्कि मतदाताओं को गुमराह कर चुनावी माहौल को भटकाने की भी साजिश की गई है. ऐसा सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि घाटशिला की जनता में भाजपा के प्रति बढ़ते समर्थन को रोका जा सके.
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

उधर इस मामले को लेकर भाजपा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि घाटशिला में अपनी आने वाली हार को देखते हुए जेएमएम अब राजनीति के सबसे निम्न स्तर पर उतर आई है. जेएमएम के आईटी सेल और उससे प्रायोजित कई फर्जी सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए निरंतर बाबूलाल सोरेन जी के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है.
आगे उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के पास अपने काम गिनाने को कुछ नहीं होता, वह विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने की साज़िशों में लग जाती है. पिछले छह वर्षों में जेएमएम सरकार का प्रदर्शन जनता देख चुकी है, यही कारण है कि वे सच और विकास के मुद्दों पर चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं. इसलिए अब “AI जनरेटेड झूठ” को हथियार बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है.
चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन से मांग
भाजपा ने चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फ़र्जी कंटेंट बनाने और प्रसारित करने वालों की शीघ्र पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई हो. सभी आपत्तिजनक, भ्रामक और बदनाम करने वाले पोस्ट्स को तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए. साथ ही चुनावी शुचिता के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे साइबर अपराधों पर सख्ती से रोक लगाई जाए. सच्चाई और सेवा की राजनीति के आगे नकारात्मकता की कोई जगह नहीं है. जनता बाबूलाल सोरेन के साथ मजबूती से खड़ी है, और यही जेएमएम की बौखलाहट का सबसे बड़ा कारण है.


