Saturday, October 31, 2026

पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने चाईबासा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल, बाबूलाल की कड़ी प्रतिक्रिया

रांची : झारखंड के पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने चाईबासा जिला प्रशासन की कार्यशैली व पूर्व सीएम के प्रति प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को चाईबासा दौरे पर आए अर्जुन मुंडा ने देर रात एक्स पर पोस्ट पर अपनी बातें रखी। पोस्ट में उन्होंने न सिर्फ चाईबासा जिला प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए बल्कि सामान्य औपचारिकताओं के निर्वहन नहीं होने पर भी अपनी नाराजगी जताई।

इसे भी पढ़ें : आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सरयू राय ने सीएम हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी से की ये अपील

अर्जुन मुंडा का एक्स पर पोस्ट

शनिवार 16 मई को रात लगभग 9 बजे अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने लिखा, “वर्तमान में मैं न तो विधायक हूँ, न सांसद और न ही मंत्री, किन्तु मैं झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार में मंत्री के संवैधानिक पद पर रहा हूँ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत मेरा चाईबासा परिसदन में रात्रि विश्राम हुआ। किंतु यह अत्यंत खेद एवं चिंता का विषय है कि चाईबासा जिला प्रशासन द्वारा सामान्य शिष्टाचार एवं आवश्यक औपचारिकताओं का भी निर्वहन नहीं किया गया।”

आगे उन्होंने लिखा, “यह स्थिति या तो प्रशासनिक शिष्टाचार एवं अनुभव की कमी को दर्शाती है, अथवा प्रशासनिक अकड़ को, या फिर राज्य सरकार के लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामान्य सामाजिक मर्यादाओं के प्रति उदासीनता को प्रकट करती है। पूर्व में प्रशासनिक व्यवस्था की एक स्वस्थ एवं सुदृढ़ परंपरा रही है कि जिले में आगमन करने वाले सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के साथ जिले की सामान्य परिस्थितियों, विकास कार्यों तथा जनसरोकारों से संबंधित विषयों पर संवाद स्थापित किया जाता था। यह केवल औपचारिकता भर नहीं होती थी, बल्कि इससे प्रशासन की सकारात्मक कार्यसंस्कृति, संवादशीलता एवं जिले की गरिमा भी परिलक्षित होती थी।”

ज्ञातव्य है कि पश्चिम सिंहभूम एक ऐतिहासिक एवं जनजातीय बहुल जिला है, जिसकी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक, सामाजिक एवं ऐतिहासिक पहचान रही है। ऐसे महत्वपूर्ण जिले में प्रशासन का इस प्रकार का व्यवहार एवं कार्यशैली निश्चित रूप से गंभीर चिंतन का विषय है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन से यह अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीतिक भिन्नताओं ऊपर उठकर संवैधानिक मर्यादाओं, प्रशासनिक शिष्टाचार एवं सामाजिक सौजन्यता का समुचित पालन सुनिश्चित करे।

बाबूलाल मरांडी की कड़ी प्रतिक्रिया

पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा के पोस्ट पर भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए लिखा, “हेमंत सोरेन जी, सत्ता का समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। आज आप मुख्यमंत्री हैं, कल आप भी भूतपूर्व हो सकते हैं — इसलिए लोकतंत्र की मर्यादा, परंपराओं और सामाजिक सम्मान को कभी कमजोर मत होने दीजिये। झारखंड की पहचान केवल सरकारों से नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवहार से बनती है।”

आगे उन्होंने लिखा, “यदि प्रशासन जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ सार्वजनिक व्यक्तित्वों और समाज की भावनाओं के प्रति संवेदनहीन हो जाये, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे लोकतांत्रिक संस्कार का अपमान बन जाता है। अधिकारियों को यह नसीहत दीजिये कि कुर्सी का अहंकार क्षणिक होता है, लेकिन व्यवहार और सम्मान की छाप वर्षों तक लोगों के दिलों में रहती है। सत्ता बदलती रहती है, मगर जनता सब देखती है और समय हर बात का हिसाब भी रखता है।”

एयर नाऊ स्पेशल

Radhakrishna Kishore Podcast: राजनीति में आने की वजह से...

Radhakrishna Kishore Podcast: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। एयरनाऊ के खास पॉडकास्ट...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग ख़बर