न्यूज डेस्क: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। इस विस्तार में टीवीके के 21 और सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही विजय सरकार के मंत्रियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई को 9 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। तमिलनाडु में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अब भी तीन पद खाली हैं, जिन्हें भविष्य में सहयोगी दलों को दिया जा सकता है।
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नए चेहरों को मिली मंत्रिमंडल में जगह
शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार, विनोद, राजीव, बी राजकुमार, वी गांधीराज, मथन राजा पी, जगदेश्वरी के, राजेश कुमार एस, एम विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेल्वन डी, विजय तमिलन पार्थीबन ए, रमेश, कुमार आर, थेन्नारासु के, वी संपत कुमार, मोहम्मद फरवास जे, डी सरथकुमार, एन मैरी विल्सन और विग्नेश के जैसे नाम शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कैबिनेट विस्तार के जरिए विजय सरकार ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
IUML और VCK कैबिनेट से बाहर
सरकार को समर्थन देने वाले अहम सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नहीं हुए हैं। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और सरकार के बहुमत में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों दलों के लिए कैबिनेट में एक-एक पद आरक्षित रखा गया है, लेकिन अभी तक उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के नाम तय नहीं किए हैं। माना जा रहा है कि अगले चरण में इन्हें सरकार में शामिल किया जाएगा।
सहयोगी दलों को सरकार में शामिल होने का न्योता
टीवीके नेतृत्व लगातार वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल जैसे दलों को औपचारिक रूप से सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दे रहा है। फिलहाल ये दल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। राज्य के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय चाहते हैं कि सहयोगी दल भी सरकार का हिस्सा बनें। उन्होंने उम्मीद जताई कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी जल्द मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस का करीब 60 साल बाद सत्ता में वापसी
विजय सरकार में शामिल होने वाले कांग्रेस विधायकों में राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन शामिल हैं। लगभग छह दशकों में यह पहला मौका है जब कांग्रेस तमिलनाडु की सरकार का हिस्सा बनी है। इससे पहले कांग्रेस ने एम. भक्तवत्सलम के नेतृत्व में राज्य में सरकार चलाई थी। उनका कार्यकाल मार्च 1967 में समाप्त हुआ था।
साल 1967 के विधानसभा चुनावों में सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व वाली डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। इसके बाद से कांग्रेस तमिलनाडु में किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं रही। अब विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर कांग्रेस ने लंबे समय बाद राज्य की सत्ता में वापसी की है। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।
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