Saturday, July 4, 2026

भोपाल में मुख्यमंत्री आवास घेरने की तैयारी में थे किसान नेता, पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट

न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश में किसानों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। भोपाल की ओर कूच करने की तैयारी कर रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेताओं को पुलिस ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही रोकने की कोशिश की। कई जिलों में किसान नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया गया और कुछ को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया। किसानों की योजना थी कि वे भोपाल के फंदा टोल नाके पर एकत्रित होकर मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करेंगे। इसके लिए प्रदेश के करीब 30 जिलों से किसान नेताओं और किसानों के पहुंचने की तैयारी थी। लेकिन प्रशासन ने पहले ही मोर्चा संभालते हुए इस योजना को विफल करने की कोशिश की।

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कई जिलों में हाउस अरेस्ट

जानकारी के अनुसार देवास, रतलाम, सीहोर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, हरदा और अन्य जिलों में किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। जो किसान घरों से निकल चुके थे, उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। महासंघ की युवा इकाई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह गोठी ने बताया कि उन्हें भी सुबह से घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। किसान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया था, जिसे सौंपने के लिए यह कूच निकाला जाना था। किसानों का कहना है कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और उनका समाधान नहीं हो पा रहा है।

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किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों की मांगों में प्रमुख रूप से गेहूं खरीदी में सुधार, भावांतर योजना का भुगतान, पराली जलाने के मामलों को वापस लेना, डिफॉल्टर किसानों को राहत और फसल नुकसान पर 100% मुआवजा शामिल हैं। इसके अलावा किसानों ने पूर्ण कर्ज माफी, दूध के दाम बढ़ाने, जमीन रिकॉर्ड में सुधार, उचित मुआवजा, बिजली विभाग की मनमानी पर रोक, मूंग की MSP पर खरीदी और खाद की उपलब्धता बढ़ाने जैसी मांगें भी रखी हैं।

किसानों ने केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासियों के मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि परियोजना के कारण आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार रोके जाएं और उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाए। किसानों को रोकने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद प्रदेश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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