नई दिल्ली : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री राजू कुमार सिंह को सात साल से अधिक पुराने हर्ष फायरिंग मामले में शनिवार को 4 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने मृतक महिला के पति को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है. बिहार के साहेबगंज से छह बार विधायक चुने जा चुके राजू कुमार सिंह की इस सजा के बाद विधायकी खत्म हो जाएगी. हालांकि यह विधानसभा की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावी होगा.
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कम सज़ा की अपील
इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से पेश वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी. बचाव पक्ष ने कहा कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज जरूर हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है. वहीं कोर्ट में मौजूद विधायक ने भी कोर्ट से गुहार लगाई थी कि मरने वाली उनकी भाभी के समान थी और उन्हें कम से कम सजा दी जाए. बता दें कि राजू कुमार सिंह पर 31 दिसंबर 2018 को हर्ष फायरिंग का आरोप था, जिसमें एक महिला डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी.
खत्म हो जाएगी विधायकी
बता दें, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के मुताबिक, यदि किसी भी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो वह दोषी ठहराए जाने की तारीख से ही सदन का सदस्य होने के लिए अयोग्य हो जाता है। वहीं वकील ने भी कोर्ट में दलील दी थी कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. अगर उन्हें दो साल से अधिक की सजा होती है तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है. इसलिए अदालत उन्हें सुधार का एक अवसर दे.
वकील ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह और उनका परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति से जुड़ा रहा है. वर्ष 2009 से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. उनकी पत्नी रेनू सिंह विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं और उनके पिता करीब दस वर्षों तक गांव के मुखिया रहे थे.




