पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
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29 जून को ख़त्म हो रहा कार्यकाल
निर्वाचन आयोग के अनुसार 29 जून 2026 को विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर नए सदस्यों के चुनाव के लिए प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी। उसी दिन चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
1 जून को अधिसूचना, 18 को वोटिंग
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक समाप्त कर ली जाएगी। विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।
यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी थी। इस सीट पर चुने जाने वाले सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा। उपचुनाव की प्रक्रिया भी बाकी 9 सीटों के चुनाव कार्यक्रम के साथ ही पूरी की जाएगी।
इन नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल
28 जून 2026 को जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूक, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से इन सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई थीं।
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