Thursday, May 28, 2026

रिम्स के DIG ग्राउंड जमीन की अवैध खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने दर्ज की प्राथमिकी, आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की होगी जांच

रांची : रिम्स के DIG ग्राउंड स्थित जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने PMLA यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ECIR यानी इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट दर्ज की है। इस मामले की जांच झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी भी प्राथमिकी दर्ज कर रही है। एसीबी ने इस मामले में अब तक विभिन्न आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर उनकी संलिप्तता को देखते हुए चार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब एसीबी की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ही ईडी ने ईसीआइआर दर्ज किया है। अब ईडी इस केस से जुड़े सभी आरोपितों से पूछताछ करेगी।

4 आरोपी भेजे गए हैं जेल

बता दें कि रिम्स के DIG ग्राउंड स्थित जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में जमीन दलाल, बिल्डर, निबंधन व अंचल कार्यालय के अलावा नक्शा पास करने वाले अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। फर्जी वंशावली पर खरीद-बिक्री करने की पुष्टि के बाद एसीबी ने जिन चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, उनमें राज किशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा व चेतन कुमार शामिल हैं। आरोप है कि बड़ाईक बंधुओं ने फर्जी वंशावली बनाई, जबकि चेतन कुमार ने पावर आफ आटार्नी लिया था और राजेश कुमार झा ने बिल्डर से उक्त जमीन की बिक्री कराई थी।

हाईकोर्ट के आदेश पर हटा था अतिक्रमण 

आरोप है कि मोरहाबादी मौजा की आठ व कोकर मौजा की 1.65 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हुआ था, जिसे हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने मुक्त कराया था। इस जमीन पर बने भवनों को तोड़ा गया था। निर्माणाधीन अपार्टमेंट ध्वस्त किया गया था। इस मामले में फर्जीवाड़ा कर लोगों को घर व फ्लैट बेचने व उन्हें चूना लगाने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध जांच व कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने निर्देशित किया था। अब ईडी सभी आरोपितों के बीच वित्तीय लेन-देन से संबंधित ब्यौरे को तलाशेगी।

एयर नाउ स्पेशल

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