कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें पुलिस अधिकारी और कारोबारी दोनों जांच के दायरे में हैं।
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सोना पप्पू और जॉय कामदार केस से जुड़ा मामला
यह पूरी कार्रवाई सोना पप्पू और जॉय कामदार केस से जुड़ी बताई जा रही है। ED ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर इस मामले में जांच शुरू की थी। आरोप है कि इस गिरोह के जरिए बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी और अवैध कमाई की गई। दक्षिण कोलकाता के फर्न रोड स्थित एक अन्य ठिकाने से एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई है, जिस पर मैड इन USA लिखा हुआ है। आरोपी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और उसके साथियों पर दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
सोना पप्पू फिलहाल फरार बताया जा रहा है। वह कोलकाता के गोलपार्क इलाके में हुई एक हिंसक घटना में भी वांछित है। हालांकि कई बार उसके सार्वजनिक स्थानों पर दिखने और सोशल मीडिया पर सक्रिय होने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे पहले ED ने मर्लिन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों पर भी छापेमारी की थी। 8 अप्रैल को मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और उसके प्रमोटरों के ठिकानों पर छापे मारे गए थे, जिसके बाद अब यह नई कार्रवाई की गई है।
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पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले ED की इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए की जा रही है।


