रांची : डीएवी स्कूल कपिलदेव के प्रिंसिपल एमके सिन्हा को अदालत ने स्कूल की एक महिला स्टाफ नर्स के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है. अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा के बिंदू पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला सुनाया। मामला मई 2022 का है।
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महिला स्टाफ नर्स के गंभीर आरोप
यौन उत्पीड़न का यह मामला मई 2022 का है, जिसमें स्कूल की एक महिला स्टाफ नर्स ने पूर्व प्रिंसिपल एमके सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाते हुए अरगोड़ा थाना में मामला दर्ज कराया था. दर्ज मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल बीपी चेक करने के बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और अश्लील हरकत करते थे. इसके अलावा शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव भी बनाते थे.
चार दिनों के बाद हुई थी गिरफ़्तारी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद तत्कालीन प्रिंसिपल एमके सिन्हा फरार हो गए थे. करीब चार दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उन्हें जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बाद में 21 नवंबर 2022 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. हालांकि, पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत रद्द करने की मांग की थी. मामले पर सुनवाई करते हुए 20 जून 2025 को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी.
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
झारखंड हाईकोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया था. आदेश के बाद उन्होंने सिविल कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद से वह जेल में बंद हैं.


