न्यूज डेस्क: जातिगत भेदभाव की एक शर्मनाक घटना कर्नाटक के मंगलुरु से सामने आई है। यहां SIR का काम करने गई एक महिला BLO को सिर्फ इसलिए घर से भगा दिया गया क्योंकि वो दलित समुदाय से हैं।
Highlights:
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना शिरलालु गांव की है। यहां आंगनबाड़ी में काम करने वाली एक महिला को SIR यानी Special Intensive Revision के लिए BLO की जिम्मेदारी दी गई थी।
6 जुलाई को वो अपनी ड्यूटी निभाने के लिए एक साथी कर्मचारी के साथ गांव में यशोदा आचारी के घर पहुंची। काम के दौरान घर की महिला ने BLO से उनकी जाति पूछ ली। जैसे ही महिला ने अपनी जाति बताई, यशोदा ने उन्हें घर के अंदर आने से रोक दिया।
आरोप है कि आरोपी ने न सिर्फ सरकारी कर्मचारी का अपमान किया, बल्कि उन्हें बरामदे में भी खड़े नहीं होने दिया और तुरंत वहां से जाने को कह दिया।
पुलिस ने दर्ज की FIR
इस अपमान से आहत महिला BLO ने 7 जुलाई को वेनूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। उन्होंने अपनी शिकायत में जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का जिक्र किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी यशोदा आचारी के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
SIR के दौरान सामने आया भेदभाव
फिलहाल कर्नाटक में SIR का काम चल रहा है। इसके तहत BLO घर-घर जाकर वोटर डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। लेकिन इस सरकारी काम के बीच भी जातिवाद की मानसिकता सामने आ गई।
ये घटना एक बार फिर दिखाती है कि समाज से जातिगत भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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