रांची: राजधानी के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल पहाड़ी मंदिर की सूरत बदलने और श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए रांची नगर निगम ने मंगलवार (13 जनवरी) को बड़ी कार्रवाई की। निगम की इनफोर्समेंट टीम ने मंदिर के मुख्य द्वार और आसपास के 27 एकड़ क्षेत्र में सघन अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई से न केवल अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों की जेब पर भी 25 हजार रुपए की भारी चोट पड़ी है।
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किसे और क्यूँ हटाया गया?
नगर निगम के प्रशासक के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के दौरान मंदिर परिसर के आसपास की संकरी गलियों को मुक्त कराया गया। मुख्य द्वार के पास अवैध रूप से लगी सभी अस्थायी दुकानों को हटाया गया। बंदोबस्ती वाली दुकानों के बाहर सड़क पर निकले अवैध चबूतरों को ध्वस्त कर दिया गया। कुल 40 आवंटित दुकानों में से अधिकांश ने अपनी सीमा लांघ कर सड़क पर कब्जा कर लिया था। मार्ग को संकीर्ण करने वाले टीन शेड और अन्य अतिक्रमण सामग्रियों को निगम ने जब्त कर लिया है।
पहाड़ी मंदिर रांची का एक ऐसा केंद्र है जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। दुकानों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग संकरा हो गया था, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों को परेशानी हो रही थी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और अस्थायी दुकानों और अवैध विस्तार के कारण स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा था।
दुबारा अतिक्रमण करने पर होंगे ‘ब्लैक्लिस्ट’
नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, दुबारा अगर अतिकरमान हुआ तो सक्त से सक्त कार्यवाही ही जाएगी। इसके साथ ही निगम ने दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया है कि भविष्य में यदि फिर से अतिक्रमण पाया गया, तो संबंधित दुकानदार का आवंटन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और उन्हें काली सूची (Blacklist) में डाल दिया जाएगा।


