नई दिल्ली : वाराणसी के कोतवाली थाने में महंत बालक नाथ ने सांसद पप्पू यादव के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है. काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया, “शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो से संबंधित है, जिनमें सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव संत के भेष में दिखाई दे रहे हैं.” शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन वीडियो में किए गए कृत्यों से सनातन धर्म का अपमान हुआ है.
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साधु-संतों का अपमान
वहीं महंत बालक नाथ ने कहा, “आज पप्पू यादव के खिलाफ हमने एफआईआर दर्ज करवाई है. जिस प्रकार से उन्होंने सनातन, भगवा वस्त्र और साधु-संतों का अपमान किया है, उसी को लेकर हमने यह शिकायत दर्ज कराई है.” उन्होंने प्रशासन से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाने चाहिए. इस पर डीसीपी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी.
आलोचना पर बोले पप्पू यादव
इधर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने ख़िलाफ़ हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, वह शुक्रवार को संसद भवन परिसर में गेरुआ वस्त्र में पहुंचे थे, जहां उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था.
पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा, “मतलब सनातन और मंदिर के पैसे को लूटने वालों का पर्दाफाश करना और उनके ख़िलाफ़ लड़ना ग़लत है? क्या मंदिर की रक्षा करना ग़लत है? मंदिर के पैसे की रक्षा करना ग़लत है? देश के 100 करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा करना ग़लत है?”
चंदा चोरी मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुप हैं
उन्होंने आगे कहा, “राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुप हैं. हम इसके ख़िलाफ़ लड़ेंगे. इसके लिए जितना विरोध सहना पड़े या जितनी गोलियां खानी पड़ें, हम तैयार हैं.” संत का वेश धारण कर संसद भवन जाने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, “मैं पुजारी और संत हूं. अगर मैं संत नहीं हूं, तो क्या वे लोग संत हैं जो पैसे लूटते हैं?”
बीजेपी सांसद का आरोप
इधर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया है कि संसद भवन में प्रदर्शन के दौरान सनातन संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया. उन्होंने पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “संसद परिसर में जो तमाशा किया, वह न तो कोई विरोध था और न ही असहमति. यह सनातन संस्कृति का मज़ाक उड़ाना, संत समाज का अपमान करना और भारत की परंपराओं का तिरस्कार करना था.”
वहीं बीजेपी विधायक करनैल सिंह ने कहा, “सनातन धर्म का अपमान किया गया है. हमारे ब्राह्मणों, पुजारियों और स्वामियों को बदनाम करने की कोशिश की गई है. हमने उनकी (सांसद पप्पू यादव) गिरफ्तारी की मांग की है. उन्हें सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए.”


