झारखंड : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार को इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी उनके साथ मौजूद रहे. मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की उपस्थिति में नामांकन कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक ताकत प्रदर्शन का मंच बन गया. समर्थकों की भारी भीड़ के साथ झामुमो और गठबंधन दलों ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की.
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नामांकन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत महागठबंधन के सभी दलों के नेताओं ने घाटशिला के दाहीगोड़ा सर्कस मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया. सभा में राज्य सरकार और अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की उपलब्धियां गिनाते हुए सोमेश सोरेन ने कहा कि घाटशिला को एजुकेशन हब बनाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी क्योंकि स्वर्गीय पिता की यह आखिरी इच्छा थी. संताली में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव विषम परिस्थितियों में हो रहा है क्योंकि दो महीने पहले बाबा सभी को छोड़ गये थे.
सीएम हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार
घाटशिला में झामुमो प्रत्याशी सोमेश चन्द्र सोरेन के नामांकन सभा में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा की बाबा दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के बाद उनके पीछे-पीछे ही हमारे बड़े भाई मंत्री रामदास सोरेन का भी निधन हो गया न जाने क्या संजोग है. यह हम नहीं बता सकते, लेकिन कोई ना कोई जरूर ताकत है जो ऐसी स्थिति पैदा करती. ऐसी स्थिति आई की हमने सोमेश बाबू को प्रत्याशी बताया. आप जिस तरीके से पिछले बार ऐतिहासिक रिकॉर्ड मत के साथ घाटशिला के इतिहास में पहली बार 20 से 22 हजार से अधिक वोट से आपके रामदास सोरेन को विधायक बनाया, इस बार ऐसा वोट करना है की विरोधी प्रत्याशी का खाता भी न खुले.
आगे उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील करते हुए कहा कि इस बार विरोधियों का जमानत तक जब्त हो जाना चाहिए. इस बार वोट बंटने का नहीं है, हमारे विपक्ष के लोग पूरी तैयारी के साथ हैं. सुने यहां पर एक दर्जन मुख्यमंत्री पूरे अलग-अलग राज्य से आकर डेरा डालेंगे. एक दर्जन क्या दो दर्जन मुख्यमंत्री पर भी ये अकेला मुख्यमंत्री भारी पड़ेगा. वह इसलिए की यहां का मुख्यमंत्री हम नहीं यहां का मुख्यमंत्री सामने बैठी जनता है. उसकी ताकत मेरी ताकत है.


