रांची: 14वीं JPSC परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी की ओर से गिरफ़्तार मुख्य आरोपी अभय तिवारी की जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा धांधली में संलिप्तता को लेकर भी सीआईडी जांच में खुलासे लगातार हो रहे हैं. सीआईडी की जांच में अभय तिवारी की पत्नी सुषमा तिवारी के बैंक अकाउंट और अन्य वित्तीय जांच में यह ठोस सबूत मिला है कि 29 अगस्त 2024 को सुषमा कुमारी के एसबीआई खाते में दो लाख रुपए की राशि क्रेडिट की गई थी. यह रकम उसके पति अभय तिवारी द्वारा परीक्षा में अवैध चयन करवाने के एवज में अभ्यर्थी से ली गई एडवांस के तौर पर ली थी.
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सीआईडी की ओर से पेश किए गए सबूतों के मुताबिक आरोपी सुषमा कुमारी ने आपराधिक साजिश और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छुपाने और मिटाने की नीयत से उस मोबाइल फोन को ही नष्ट कर दिया थे. जिसका इस्तेमाल परीक्षा धांधली के दौरान बातचीत और संपर्क के लिए किया जा रहा था.
सीआईडी की जांच के दौरान परीक्षा से ठीक पहले बोकारो के दुग्धा स्थित बीसीसीएल कॉलोनी के उस गुप्त ठिकाने पर सुषमा कुमारी की खुद मौजूदगी पाई गई, जहां दर्जनों अभ्यर्थियों को जुटाकर लीक प्रश्न-पत्रों के उत्तर रटवाए जा र हे थे. सीआईडी की पूछताछ में उसने खुद भी उस जगह जाने की बात स्वीकार की है.
सीआईडी ने होटल के ठहरने के रिकॉर्ड, यात्रा के टिकट और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) की जांच से यह साबित किया कि वह इस संगठित सिंडिकेट की गतिविधियों में अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही थी. इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी उमेश कुमार और अन्य गवाहों एवं अभ्यर्थियों के बयानों में सुषमा कुमारी की सीधी भूमिका और आंसार रटवाने वाले ठिकानों पर उसकी उपस्थिति की पुष्टि हुई है.


