रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा धांधली की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने शुक्रवार को जन्माष्टमी की छुट्टी होने के बावजूद जेएसएससी कार्यालय स्थित आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता के कार्यालय की घंटों जांच की. इस दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के सचिव भी मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में ही लगभग पांच से छह घंटों तक कई अहम दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन और मिलान किया.
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जांच टीम ने पिछले दिनों विभिन्न आरोपियों की गिरफ्तारी व उनसे हुई पूछताछ में सामने आए नए तथ्यों व रिकॉर्ड्स की भी पुष्टि करवाने की कोशिश की. ताकि प्रश्नपत्र के वितरण और प्रिंटिंग स्तर पर हुई गड़बड़ी का सटीक खाका तैयार किया जा सके. इधर एसआईटी ने शुक्रवार को जांच का दायरा बढ़ाते हुए 22 अभ्यर्थियों व संदिग्धों को समन भेज पूछताछ के लिए तलब किया, जिनसे पूछताछ के बाद विस्तृत बयान दर्ज किए गए.
एसआईटी अब तक 300 से अधिक संदिग्धों, बिचौलियों और सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है. संदिग्ध अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों के ब्यौरे के साथ-साथ परीक्षा अवधि के दौरान इस्तेमाल किए गए उनके मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली जा रही है. परीक्षा के दिनों में उम्मीदवारों का किन-किन संदिग्ध बिचौलियों, सॉल्वर गैंग या नेटवर्क से संपर्क था, इसका पूरा तकनीकी खाका तैयार किया जा रहा है.
वहीं परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी आइसीएन के दिल्ली स्थित दो कर्मचारियों, सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार की आठ दिनों की पुलिस रिमांड शनिवार को खत्म होने पर उन्हें विशेष सीआईडी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा. बताया जा रहा है कि आठ दिनों की गहन पूछताछ में सीआईडी को पेपर लीक सिंडिकेट, प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी के तरीकों और इस पूरे खेल में शामिल अन्य सफेदपोशों व मास्टरमाइंड्स के बारे में कई अहम और चौकाने वाले सुराग मिले हैं.

