रांची: दुर्गा पूजा को लेकर झारखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को पूजा के दौरान कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बिजली, पानी, साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा है.
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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और विभिन्न शांति समितियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान पूजा समितियों के सदस्यों ने उन्हें चुनरी, मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलदस्ता भेंट किया. प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पूजा पंडालों में सपरिवार आने और माता रानी के दर्शन करने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
दुर्गा पूजा में कानून व्यवस्था पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान पूरे झारखंड में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि पूजा पंडालों में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. खास तौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा का ध्यान रखने को कहा गया है. इसके लिए बिजली, पानी, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने पर जोर दिया गया है.
रांची में प्रशासन पहले ही पूजा समितियों के लिए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक, फायर सेफ्टी और बिजली से जुड़ी गाइडलाइन जारी कर चुका है. पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में भीड़ को संभालना और आने-जाने का रास्ता सुचारु रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी.
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का रखा जाएगा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडालों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए. खास तौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए व्यवस्था पर ध्यान देने की बात कही गई. रांची में दुर्गा पूजा के दौरान कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की भूमिका अहम रहेगी. जिला प्रशासन की गाइडलाइन में पंडालों के आसपास सड़क पर अवरोध नहीं करने, साफ-सफाई बनाए रखने और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है.
पूजा पंडालों में नशा मुक्ति का संदेश देने की अपील
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा समितियों से नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि झारखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ सामाजिक और धार्मिक संगठनों को भी मिलकर काम करना होगा.
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पूजा पंडालों में नशा मुक्ति से जुड़े होर्डिंग और जागरूकता संदेश लगाए जाएं. युवाओं से भी नशे से दूर रहने की अपील की जाए. पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने इस अभियान में सहयोग देने की बात कही. उन्होंने बताया कि पंडालों में अनाउंसमेंट के जरिए भी लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी पूजा पंडालों में नशा मुक्ति जागरूकता के लिए होर्डिंग लगाने का सुझाव दर्ज किया गया है.
प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी CM ने दिया सुझाव
बैठक में दुर्गा पूजा के बाद होने वाले प्रतिमा विसर्जन पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आस्था और परंपरा को बनाए रखते हुए विसर्जन का तरीका पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के बाद तालाबों और दूसरे जलाशयों की स्थिति पर्यावरण के लिए चुनौती बन सकती है.
इसलिए राज्य सरकार और दुर्गा पूजा समितियों को आपसी समन्वय के साथ ऐसी कार्य योजना तैयार करनी चाहिए, जिससे विसर्जन के दौरान पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो. मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से इको फ्रेंडली तरीके से प्रतिमा विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया. इसका मकसद यह है कि श्रद्धा और परंपरा भी बनी रहे और जलाशयों पर इसका खराब असर भी कम हो.
प्रशासन और पूजा समितियों के बीच समन्वय पर जोर
दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान प्रशासन और पूजा समितियों के बीच तालमेल काफी जरूरी होता है. पंडालों में भीड़, बिजली, ट्रैफिक, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी कई व्यवस्थाएं एक साथ संभालनी होती हैं. रांची जिला प्रशासन ने इस साल पूजा समितियों के लिए सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी कई गाइडलाइन भी जारी की हैं.
इनमें पंडालों में सुरक्षित निर्माण, अलग प्रवेश और निकास रास्ते, इमरजेंसी एग्जिट, CCTV, प्राथमिक उपचार और पर्याप्त वालंटियर रखने जैसी बातें शामिल हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ तैयारियों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा.
श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल देने की तैयारी
दुर्गा पूजा के दौरान रांची समेत पूरे झारखंड में बड़ी संख्या में लोग पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचेंगे. ऐसे में सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था के साथ-साथ लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ तौर पर कहा है कि पूजा के दौरान बिजली, पानी, साफ-सफाई और यातायात जैसी व्यवस्थाओं में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए. साथ ही नशा मुक्ति और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन जैसे मुद्दों को भी पूजा समितियों के साथ मिलकर आगे बढ़ाने की बात कही गई है. इस तरह इस बार दुर्गा पूजा की तैयारियों में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्वच्छता, नशा मुक्ति और पर्यावरण का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल है.


