रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच अब सीबीआई से कराई जाएगी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी और राज्य सरकार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच उचित होगी।
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एयरपोर्ट थाना में दर्ज हुआ केस
दरअसल पूरा मामला पेयजल विभाग में 23 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा हुआ है. 12 जनवरी 2026 को घोटाले के आरोपी व तत्कालीन क्लर्क संतोष कुमार ने रांची के एयरपोर्ट थाने में ईडी अफसरों पर जानलेवा हमला करने और कैद रखने सहित अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई. इसमें ईडी के दो अफसरों पर 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में हुई पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया. इसे लेकर रांची के एयरपोर्ट थाने में कांड संख्या 05/2026 धारा 115(2)/117(2)/127(2)/109(2)/351(2)/352/238/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है.
रांची पुलिस की जांच पर लगी रोक
मामला दर्ज होने के बाद 15 जनवरी को रांची पुलिस ने एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के जोनल कार्यालय में छापेमारी की और कई घंटों की जांच के बाद ईडी दफ्तर से कुछ सबूत इक्ट्ठा कर कार्यालय से बाहर निकल गई थी. वहीं पुलिस में दर्ज हुई प्राथमिकी को चुनौती देते हुए ईडी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले में पुलिस जांच पर रोक लगाने व इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की।
16 जनवरी को सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि ईडी कार्यालय की सुरक्षा एसएसपी देखेंगे. साथ ही सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की भी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को 7 दिनों के अंदर और निजी प्रतिवादी संतोष कुमार को 10 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश जारी किया है. साथ ही, केंद्रीय गृह सचिव और प्रतिवादी संतोष कुमार को मामले में पार्टी बनाने का निर्देश दिया था.


