नई दिल्ली: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक बड़ी कानूनी अपडेट सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को झटका देते हुए इस मामले को लेकर पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है।
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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस मुद्दे के लिए उचित मंच हाई कोर्ट है। गौरतलब है कि भोजपुर में 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया था।
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याचिका में की गई थीं ये बड़ी मांगें
सर्वोच्च अदालत में दायर की गई इस जनहित याचिका में कई गंभीर मांगें उठाई गई थीं:
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CBI जांच और एक्शन: इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( CBI ) से कराने और एनकाउंटर में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग थी।
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स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति: याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र कमेटी गठित करने की मांग की गई थी, ताकि इस कथित एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग ( फर्जी एनकाउंटर ) की निष्पक्ष जांच हो सके।

“हथियार फेंकने के बाद भी मार दी गोली” – परिजनों का गंभीर आरोप
भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद से ही उनके परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। परिवार लगातार इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है। परिवार का कहना है कि पुलिस की गोली लगने से पहले भरत तिवारी ने पूरी तरह सरेंडर कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी।
हालांकि, इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिहार सरकार ने पहले ही न्यायिक जांच का एलान कर दिया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है और वे सिर्फ सीबीआई जांच चाहते हैं।
पीड़ित परिवार ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई, बिलौटी गांव में भरत तिवारी की प्रतिमा स्थापित करना, उसे शहीद का दर्जा देना, परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और गांव का नाम बदलकर शहीद भरत तिवारी जवइनियां करना शामिल है।
आज बिलौटी गांव में तेरहवीं: 25 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद, 100 हलवाई मुस्तैद
आज भरत तिवारी की तेरहवीं ( श्राद्ध कर्म ) है, जिसे लेकर बिलौटी गांव में बेहद बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इस श्रद्धांजलि सभा में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी 20 से 25 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इतने बड़े पैमाने पर आने वाले लोगों के खाने-पीने के लिए करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर इलाके के लगभग 100 मुख्य हलवाई और 300 सहायक दिन-रात खाना बनाने में जुटे हैं। वहीं बाहरी इलाकों से आने वाले मेहमानों और गाड़ियों की व्यवस्था संभालने के लिए आसपास के गांवों के 500 से अधिक वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए पानी के कई टैंकर और बोतल बंद पानी का इंतजाम किया गया है। साथ ही श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों के लिए घर के पास एक बहुत बड़े हिस्से में विशाल वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है।
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