एयरनाउ डेस्क: अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज को एक लगा एक बड़ा झटका. बताया जा रहा की ED ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चिफ फाईनेंस ऑफीसर (CFO) और एक्जिक्युटीव अशोक कुमार पाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है की यह गिरफ्तारी फर्जी बैंक गारंटी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर कीया गया है. माना जा रहा है की अशोक कुमार पाल अनील अंबानी के काफी करीबी हैं.
ED ने जानकारी दी है की ये गिरफ़्तारी ADA ग्रुप के उस जांच से जुड़ी है जिसमें करोड़ों रुपए की हेरा फेरि और फर्जी बैंक गारंटियों से जुड़ी मनी लाॅन्ड्रींग के मामले मे की गई है. एजेंसी ने अशोक पाल को दिल्ली कार्यलय में बुलाकर उनसे करीबन 3 घंटो तक पूछ-ताछ की, जिसके बाद उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, एसबीआई(SBI), इंडियन बैंक, पीएनबी(PNB) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े बैंकों की तरह बनने कि कोशिश कर रहे थे और उनकी नकल की गई और उसके बाद फर्जी ईमेल आइडी बनाई गई, जिसके बाद फर्जी दस्तावेज़ भी बनाए गए। जानकारी ये भी है की ED अनिल अंबानी और उनके ग्रुप ऑफ कंपनी के ऊपर 17,000 करोड़ के बैंक घोटाले के आरोप लगाए गए है जो की येस बैंक और ADA और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़ा हुआ है।
इससे पहले भी अनिल अंबानी और उनकी ग्रुप की कंपनी पर 18 सितंबर को येस बैंक के साथ फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगे थे और चार्जशीट भी फाइल की गई थी। अनिल अंबानी और कंपनी के ऊपर आरोप थे कि वो येस बैंक के ceo के साथ कंपनी में हर फेर कर रहे है। साथ ये भी जानकारी थी की येस बैंक के ceo के परिवार और अनिल अंबानी के बीच पैसों की लें देन भी हुई है जिसके कारण , बैंक को नहीं भी तो ढाई हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ था।


