Airnow Desk: RSS प्रमुख मोहन भागवत 25 अगस्त से विदेश दौरे पर होने वाले हैं, और उससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल मोहन भागवत जल्द ही अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जाने वाले हैं। 29 अगस्त को वो अमेरिका में होंगे। American Hindus for Engagement and Dialogue यानी AHEAD के द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमे वो शामिल होंगे। लेकिन दौरे से पहले हीं USCIRF ने अमेरिकी सरकार से ये कहा है कि RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं मिलना चाहिए , उनके साथ किसी भी तरह की हाई लेवल मीटिंग तक नहीं होनी चाहिए।
USCIRF अमेरिका में एक संस्था है, जो एक सरकारी संस्था है, जिसे अमेरिका काँग्रेस ने 1998 के International Religious Freedom Act के तहत बनाया था। इसका काम ये देखना है की अलग अलग देशों में लोगों को कितनी धार्मिक स्वतंत्रता है, क्या उनके साथ धर्म को लेकर भेद भाव तो नहीं हो रहा है। क्या उन्हें अपने लिए धार्मिक मान्यताओं को फॉलो करने से रोका तो नहीं जा रहा । ये तमाम बातों पर ये संस्था ध्यान देती है। वो रिसर्च करती है, उसके अनुसार रिपोर्ट तैयार करती है। वही रिपोर्ट फिर अमेरिका के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कॉंग्रेस को सौंपती है। हालांकि ये ध्यान रखने वाली बात है की इसके पास डायरेक्ट पावर नहीं होता है, यानि ये मांग कर सकती है प्रतिबंध की लेकिन खुद नहीं कर सकती। ये फैसला अमेरिका की सरकार की होगा।
वहीं कनाडा में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, मोहन भागवत के प्रवेश पर आपत्ति जताते हुए, वहाँ के समूह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। हालांकि 100 से ज़्यादा ऐसे संगठन है, जिन्होंने समर्थन भी किया। यानि अमेरिका की तरह यहाँ भी अपोज़ किया गया बस अंतर इतना है की कनाडा में दो प्रतिक्रियाँ आई। जहां कुछ ने विरोध किया पर कुछ ने समर्थन किया।


