Tuesday, July 21, 2026

हजारीबाग मामले में पुलिस पर बरसीं अम्बा प्रसाद, जांच को बताया सुनियोजित पटकथा

रांची: कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने हजारीबाग मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रेस वार्ता कर जांच प्रक्रिया को संदेहास्पद बताते हुए कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा। रांची के मोरहाबादी स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अम्बा प्रसाद ने कहा कि पुलिस की पूरी कहानी एक सुनियोजित पटकथा जैसी लगती है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बंदी और मशाल जुलूस को फिलहाल वापस ले लिया गया है, लेकिन वे जांच में मौजूद विसंगतियों पर चुप नहीं रहेंगी।

मृतका की मां को आरोपी बनाए जाने पर सवाल

उन्होंने सबसे बड़ा सवाल मृतका की मां को ही आरोपी बनाए जाने पर उठाया। अम्बा प्रसाद ने कहा कि यह समझ से परे है कि कोई व्यक्ति एक ही मामले में सूचक (शिकायतकर्ता) और अभियुक्त दोनों कैसे हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह कदम किसी साजिश के तहत परिवार को सरकारी लाभ से वंचित करने के लिए तो नहीं उठाया गया। एफआईआर में दर्ज धनेश्वर पासवान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि वह अब तक फरार क्यों है और पुलिस उसे पकड़ने में असफल क्यों रही। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में किन तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है, जबकि अब तक डीएनए टेस्ट तक नहीं कराया गया है।

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अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप

अम्बा प्रसाद ने भीम राम नामक आरोपी को लेकर भी पुलिस की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा उसे बचाने की ओर जा रही है, जो पूरे मामले को और संदिग्ध बनाती है। पुलिस द्वारा 13 टीमों के गठन और छापेमारी के दावे को उन्होंने हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि जब आरोपी एक ही गांव में मौजूद थे, तो इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। अम्बा प्रसाद ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सवालों के जवाब नहीं मिलते, वे इस मुद्दे को उठाती रहेंगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

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एयर नाऊ स्पेशल

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