दिल्ली: दिल्ली के AIIMS से इलाज में देरी का गंभीर मामला सामने आया है. राजस्थान के कोटा की 15 साल की तन्वी की मौत हो गई. वह बचपन से दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और परिवार को उसकी सर्जरी का इंतज़ार था. लेकिन यह इंतज़ार कभी खत्म नहीं हुआ.
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बार-बार टलती रही सर्जरी
तन्वी को पहली बार 2012 में AIIMS लाया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी. इसके बाद 2014, 2015 और 2017 में कई बार सर्जरी की तारीख तय हुई. हर बार किसी न किसी वजह से ऑपरेशन टल गया. परिवार हर बार उम्मीद लेकर आता रहा, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा. इस बीच बच्ची की हालत धीरे-धीरे और बिगड़ती गई.
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परिवार के गंभीर आरोप
पिता मुकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने इलाज के लिए पैसे जमा किए और ब्लड का इंतजाम भी किया. इसके बावजूद सर्जरी नहीं हुई. उनका आरोप है कि सालों तक सिर्फ तारीख दी गई, लेकिन इलाज नहीं मिला. यहां तक कि शिकायत करने पर दबाव बनाया गया. परिवार का कहना है कि अगर समय पर ऑपरेशन होता, तो शायद बेटी बच सकती थी.
अस्पताल का अलग दावा
AIIMS प्रशासन का कहना है कि तन्वी की बीमारी काफी जटिल थी. डॉक्टरों के मुताबिक, उसे VSD और पल्मोनरी एट्रेसिया था. जांच के बाद सर्जरी संभव नहीं थी, इसलिए दवाओं से इलाज किया जा रहा था. अस्पताल का कहना है कि आखिरी समय में उसकी हालत अचानक बिगड़ी और उसे बचाया नहीं जा सका.
24 अगस्त को तन्वी की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हुई. उसे भर्ती किया गया, लेकिन 26 अगस्त की सुबह कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत हो गई. करीब 13 साल का इंतज़ार यहीं खत्म हो गया. अब इस मामले ने इलाज की व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवार कार्रवाई की मांग कर रहा है.


