हजारीबाग : हजारीबाग के चर्चित खासमहल जमीन घोटाला मामले में अब हजारीबाग सदर के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद तक भी मामले की जांच की आंच पहुंचती नजर आ रही है. मामले की जांच में जुटी एसीबी यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस मामले में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी व जिले के पूर्व डीसी विनय कुमार चौबे, नेक्सजेन के मालिक कारोबारी विनय सिंह, समेत प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इसी मामले में अब एसीबी ने हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद को सह अभियुक्त बनाया है.
एसीबी के हाथ लगे सबूतों के मुताबिक साल 2010 में खासमहल वाली जमीनों की जब अवैध तरीके से खरीद बिक्री हुई थी तो उस समय जमीन कारोबारी के रूप में प्रदीप प्रसाद ने भी निबंधन कार्यालय में दर्ज सेल डीड में हस्ताक्षर किये थे. यानी खासमहल वाली वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री के वक्त प्रदीप प्रसाद इस मामले में गवाह थे. नेक्सजेन शो रूम के मालिक विनय सिंह की तरह उन्होंने भी खासमहल वाली जमीनों की खरीद की थी. कहा यह जा रहा है कि भाजपा के जरिये राजनीति में आने से पहले प्रदीप प्रसाद की पहचान हजारीबाग के बड़े जमीन कारोबारियों के रूप में भी रही है.
बता दें कि जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साल 2010 में हजारीबाग डीसी रहने के दौरान ही खासमहल वाली वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री और नियम विरुद्ध म्यूटेशन हुई थी और इस गड़बड़ी मामले की जांच अब एसीबी कर रही है. इस संबंध में जांच एजेंसी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है. जिसमें 70 से ज़्यादा लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक प्रदीप प्रसाद उस निबंधित दस्तावेज (डीड) के गवाह हैं, जिसके जरिये विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह ने वन भूमि को पहले खरीदा, फिर उसकी जमाबंदी अपने नाम करवाई और उसके बाद उस पर शोरूम खड़ा कर दिया.


