Monday, April 20, 2026

नासिक कंपनी में धर्मांतरण का खौफनाक खेल, आरोपी ने पीड़ित से कहा- बच्चा चाहिए तो पत्नी भेज दो मेरे पास

न्यूज डेस्क : नासिक की नामी कंपनी आईटी कंपनी टीसीएस के टीम लीडर पर जबरन नमाज पढ़ने, कलमा बोलने और टोपी पहनने के लिए मजबूर करने के मामले में पीड़ितों पर आपत्तिजनक व्यवहार करने के साथ साथ गलत ढंग से पेश आने के नए मामले का भी खुलासा हुआ है. आरोप है कि टीम लीडर ने अपने अंदर काम करने वाले एक पीड़ित के निजी जीवन का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इलाज के बाद भी तुम्हारी पत्नी मां नहीं बन पाई. ऐसे में यदि तुम्हें बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो.

पीड़ित का दावा है कि साल 2022 से ही उसके साथ मानसिक प्रताड़ना शुरु हो गई. जब उसने कंपनी जॉइन की थी तब उसके टीम लीडर तौसिफ अत्तारी और साथी दानिश शेख ने उसे अपने टारगेट पर ले लिया. बतौर टीम लीडर होने के कारण पीड़ित पर मजबूरी में उनकी हर बात मानने का दबाब था. ऐसे में तौसीफ अक्सर अपना और दानिश का काम पीड़ित पर लाद देता था ताकि वह थकान के बाद भी काम के बोझ से दबा रहे. पीड़ित का दावा है कि वह रामदास स्वामी का भक्त है और उसके लिए नियम से रुद्राक्ष की माला पहनना अनिवार्य था, ऐसे में इस धार्मिक पहचान से उन दोनों को काफी परेशानी होती थी.

देवी-देवताओं के स्वरुप पर अश्लील बातें

काम के दौरान अक्सर बहस कर उसे नीचा दिखाया जाता था और बीच-बीच में उसे घेर कर हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उठाया करते थे. जिसमें वे लोग सीधा सवाल कहते थे कि क्या तुम्हारे हिंदू धर्म में वाकई भगवान है? क्या कभी देखा है? भगवान जैसा कुछ नहीं होता, सिर्फ अल्लाह ही सच है. वे हिंदू मान्यताओं को किस्से-कहानियां बताते हुए महाराष्ट्र की आन-बान-शान रहे महापुरुषों के लिए घटिया शब्दों का उपयोग करते थे. इसके साथ ही वे लोग देवी-देवताओं के स्वरुप को लेकर ऐसी अश्लील बातें करते थे, जो किसी भी भक्त के लिए असहनीय था.

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जबरन नॉन-वेज खिलाने का प्रयास

पीड़ित कट्टर शाकाहारी है, लेकिन तौसीफ और दानिश उसे रात की शिफ्ट के बाद जबरन होटल ले जाते और उसे डरा-धमका कर नॉन-वेज खाने को मजबूर करते थे. मना करने पर इसके संस्कारों का मजाक उड़ाया जाता था. वहीं 2023 में ईद के दिन तौसीफ उसे अपने घर लेकर गया और उसकी मर्जी के बिना ही मजहबी टोपी पहना दी. इसके साथ ही उससे जबरन नमाज पढ़वाई गई और उसकी तस्वीर लेकर कंपनी के अधिकारिक ग्रुप में डाल दिया गया ताकि उसे मानसिक रुप से पूरी तरह तोड़ा जा सके.

कहा बच्चा चाहिए तो पत्नी को मेरे पास भेजो

इन लोगों ने अपनी सारी हदें पार करते हुए उसकी निजी जीवन की परेशानियों को भी कुरेदना शुरु कर दिया. पीड़ित की शादी के कई साल बीतने के बाद भी उनकी कोई संतान नहीं थी. इसी दुख का मजाक उड़ाते हुए तौसीफ और दानिश ने कहा कि इतना इलाज करवाने के बाद भी तुम्हारी पत्नी मां नहीं बन पाई, बच्चा चाहिए तो एक काम करों अपनी पत्नी के मेरे पास भेज दो. इसे सुनते ही पीड़ित का बल टूट गया और कंपनी के अंदर ही भारी हगांमा हुआ. इसी दौरान आरोपी लीडर तौसीफ ने अपना आपा खो दिया और टेबल फैन उठाकर पीड़ित के ऊपर फेंक दिया और इसे जाम से मारने की धमकी दी.

महिला कर्मचारियों पर भी गंदी नजर

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि तौसीफ, दानिश, शाहरुख और रमा मेमन का पूरा गुट कंपनी की महिला कर्मचारियों पर भी गंदी नजर रखता था और महिला सहकर्मियों के चरित्र पर भी भद्दे कमेंट्स करते थे. पीड़ित के पिता को पैरालिसिस का अटैक आया था, तब इन लोगों ने उसकी लाचारी क सौदा करना चाहा और कहा इस्लाम कबूल लो बाप ठीक हो जाएगा.

इसके साथ ही जब पीड़ित ने उनकी जी-हजूरी करनी बंद कर दी तो आरोपियों ने उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट्स भेज नौकरी से निकलने का प्रयास किया. 2022 से चल रहा यह सिलसिला 23 मार्च 2026 तक चलता था. आखिर में इन सभी चीजों से परेशान होकर पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

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