Thursday, July 23, 2026

नवरात्रि का पांचवां दिन: स्कंदमाता पूजा का महत्व

नवरात्रि, पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर शक्ति, भक्ति और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि का हर दिन किसी विशेष देवी को समर्पित होता है और प्रत्येक दिन की पूजा का अपना महत्व होता है। नवरात्रि का पांचवां दिन स्कंदमाता को समर्पित होता है। इस दिन की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

स्कंदमाता का स्वरूप

स्कंदमाता मां पार्वती का ही एक रूप है। उन्हें उनके पुत्र, भगवान कार्तिकेय (स्कंद) के साथ पूजा जाता है। स्कंदमाता का नाम संस्कृत शब्द ‘स्कंद’ और ‘माता’ से मिलकर बना है। ‘स्कंद’ का मतलब है उनका पुत्र कार्तिकेय और ‘माता’ का अर्थ है मां। इसलिए उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। उनकी पूजा करने से माँ अपने भक्तों को सभी प्रकार की मानसिक और भौतिक शक्ति प्रदान करती हैं। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो कठिनाइयों से गुजर रहे हैं।

स्कंदमाता का रूप बहुत ही सुंदर और अद्भुत है। उनके चार हाथ होते हैं, दो हाथों में कमल के फूल, एक हाथ में अपने पुत्र को गोद में थामे हुए हैं और एक हाथ श्रद्धालुओं को वरदान देने की मुद्रा में होता है। उनकी सवारी शेर है, जो साहस और शक्ति का प्रतीक है। उन्हें पीले वस्त्र और आभूषण पहने हुए दिखाया जाता है। भक्त इस दिन माता के सामने दीपक जलाते हैं, कमल के फूल अर्पित करते हैं और ध्यान के साथ माता की आराधना करते हैं।

स्कंदमाता का विशेष भोग 

खीर, मिश्री, फल, नारियल, और हलवा होता है। खासतौर पर मीठे व्यंजन जैसे दूध का हलवा, खीर या लड्डू माता को अर्पित किए जाते हैं। कमल के फूल का भोग करना इस दिन विशेष शुभ माना जाता है। इसके अलावा पूजा में नारियल, दूर्वा और सादा चावल का भी प्रयोग किया जाता है। भक्त माता के मंदिर या घर में विशेष मंत्र और भजन गाकर उन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं।
इस दिन माता को अर्पित करने के लिए फल भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। आमतौर पर केले, सेब, संतरा और अनार जैसे फल अर्पित किए जाते हैं। स्कंदमाता की पूजा करने से घर में सुख-शांति, परिवार में प्रेम और मानसिक शक्ति का विकास होता है। इसके अलावा यह दिन उन लोगों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, जो शिक्षा, नौकरी या करियर में सफलता पाना चाहते हैं।

पांचवें दिन की पूजा का विशेष महत्व


भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए माता से प्रार्थना करते हैं। इस दिन की पूजा करने से माता अपने भक्तों को साहस, बुद्धि और शक्ति प्रदान करती हैं। जो व्यक्ति इस दिन माता की विधिपूर्वक पूजा करता है, उसे मानसिक शांति और आत्मविश्वास मिलता है।

नवरात्रि का यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण है। स्कंदमाता माता की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भक्त माता को साधारण कमल, फूल, फल और मीठे भोग से खुश करते हैं और संतान सुख और ज्ञान की प्राप्ति के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं। यह दिन भक्ति, श्रद्धा और प्रेम से माता के प्रति समर्पित होकर मनाया जाता है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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