मेदिनीनगर: पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया. पांकी विधायक शशिभूषण मेहता अपने समर्थकों के साथ सोनू सोनी नामक युवक के घर पहुंचे. इस दौरान युवक के घर के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ.विधायक का आरोप था कि सोनू सोनी ने अपनी सोशल मीडिया आईडी से पीएम मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.
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घटना की सूचना मिलने पर लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया. हालांकि, खबर लिखे जाने तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. मामले का कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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विधायक व अन्य पर गंभीर आरोप
इधर, सोनू सोनी के भाई की पत्नी ने लेस्लीगंज थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर विधायक शशिभूषण मेहता, लाल प्रसाद यादव, सुनील कुशवाहा समेत अन्य लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और छेड़खानी करने का आरोप लगाया है.
महिला के अनुसार, मंगलवार को दोपहर करीब 12:30 बजे 10-12 लोग उसके घर पहुंचे थे.आरोप है कि पहले उसके पति का नाम लेकर गाली-गलौज की गई और फिर दरवाजा धक्का देकर घर में प्रवेश किया गया. महिला ने आवेदन में उसके साथ छेड़खानी किए जाने की बात भी कही है.
महिला का आरोप है कि उसे बचाने पहुंची उसकी सास और ननद के साथ भी मारपीट की गई. आवेदन में घर में रखे सोने के जेवर और नकदी ले जाने का आरोप लगाया गया है.
वायरल वीडियो में बंद और विरोध की बात
विवाद के बीच विधायक शशिभूषण मेहता ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया है. इसमें उन्होंने बृहस्पतिवार को समर्थकों के साथ लेस्लीगंज बंद कराने और सोनू सोनी की दुकान तथा घर पर धावा बोलने की बात कही है.
दूसरी ओर, विधायक के मीडिया प्रभारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो साझा किए जाने के विरोध में विधायक और उनके समर्थकों ने संवैधानिक तरीके से विरोध जताया. मीडिया प्रभारी ने इसे कथित आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ विरोध का तरीका बताया.
पुलिस ने कराया दोनों पक्षों को अलग
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया. इस संबंध में थाना प्रभारी से दूरभाष पर संपर्क कर पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है. एक ओर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विधायक पक्ष ने विरोध जताया है,वहीं दूसरी ओर महिला ने मारपीट और छेड़खानी का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

