रांची: JSSC CGL परीक्षा में हुई भारी धांधली और भ्रष्टाचार के मामले में CID के अनुरोध पर ट्रायल कोर्ट ने परीक्षा संचालन एजेंसी बेवेल के निदेशक मिथिलेश सिंह और उसके बेटे नवीन किशोर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है. वारंट जारी होने के बाद CID की SIT दोनों मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई कर सकेगी।
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मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार उमेश राय ने पूछताछ में बताया गया है कि वह मिथिलेश सिंह और नवीन किशोर सिंह का ही करीबी रिश्तेदार है. तीनों रिश्तेदारों ने आपसी गठजोड़ बनाकर राज्य की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक को अपनी निजी कमाई का जरिया बना डाला. इन तीनों रिश्तेदारों के सिंडिकेट ने पद, पहुंच और एजेंसी की गोपनीय जिम्मेदारियों का खुलेआम दुरुपयोग करते हुए अभ्यर्थियों के भविष्य का सौदा किया.
CID कोर्ट से जारी नॉन-बेलेबल वारंट के बाद मिथिलेश सिंह और नवीन किशोर सिंह के पास कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है. अगर अब वे खुद को कानून के हवाले नहीं करते हैं, तो CID अदालत से उनकी संपत्ति कुर्की-जब्ती का कड़ा आदेश लेने की कानूनी दिशा में पहल कर सकती है. इस बीच सीआईडी की टीम राज्य के विभिन्न हिस्सों और दूसरे राज्यों में भी मिथिलेश सिंह और नवीन को दबोचने के लिए दबिश दे रही है.


