हजारीबाग में JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान गांधी मैदान में हुए विवाद के मामले में करीब 700 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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मामला JPSC-JSSC की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों और छात्र संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। गांधी मैदान में प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच विवाद हो गया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।
करीब 700 लोगों के खिलाफ FIR
मिली जानकारी के मुताबिक, गांधी मैदान में हुए JPSC-JSSC आंदोलन विवाद के मामले में पुलिस ने करीब 700 लोगों को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की है। यह प्राथमिकी मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर दर्ज की गई है।
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो और मौके के अन्य फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो फुटेज के आधार पर करीब 200 लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यानी अभी FIR में करीब 700 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद और कथित तौर पर हंगामे में कौन-कौन लोग शामिल थे।
JPSC-JSSC आंदोलन की वीडियो फुटेज से होगी पहचान
प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज को अहम आधार बना रही है। पुलिस अधिकारियों की ओर से उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है।
करीब 200 लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों की भूमिका क्या थी और किस आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी है।
JPSC-JSSC आंदोलन में गिरफ्तारी की तैयारी में पुलिस
मजिस्ट्रेट के बयान पर FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि, FIR में नाम आने या किसी व्यक्ति की पहचान होने का मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ लगे आरोप साबित हो गए हैं। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
हजारीबाग में भी बढ़ा तनाव
हजारीबाग की यह कार्रवाई रांची में हुए छात्र-पुलिस विवाद के ठीक बाद सामने आई है। रांची में भी JPSC-JSSC सुधार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों और पुलिस के बीच विवाद हुआ था। उस मामले में तीन FIR दर्ज की गई हैं और 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। अब हजारीबाग में करीब 700 लोगों पर FIR दर्ज होने से JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर राज्य में छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव का मुद्दा और बड़ा हो गया है।
JPSC-JSSC आंदोलन के भविष्य पर सवाल
छात्र लगातार परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और रोजगार से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। दूसरी तरफ, प्रशासन का फोकस प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने पर है।फिलहाल हजारीबाग पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर लोगों की पहचान कर रही है। करीब 200 लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आगे गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

