रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों से उनकी मांगों को लेकर सरकार वार्ता करने को तैयार है. बताया जा रहा है कि पांच सदस्यीय छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से सरकार के चार मंत्रियों का समूह उनकी मांगों व आंदोलन के मुद्दे को लेकर बातचीत करेगा और इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपना सुझाव सौंपेगा. इधर आंदोलनरत छात्रों ने इस वार्ता को लेकर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को तय कर लिया है, लेकिन उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि यह वार्ता मोराबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में होगी.
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बंद कमरे में वार्ता से इंकार
इधर गुरूवार सुबह धरनास्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों के बीच मंच से छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार से होने वाली वार्ता बंद कमरे नहीं होगी. सोशल मीडिया एक्स हैंडल JPSC JSSC Reform Manch नाम से मौजूद अकाउंट से वायरल वीडियो के अनुसार यह ऐलान तब किया गया जब वहां मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों ने छात्र नेताओं से वार्ता को लेकर सवाल पूछा था. इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्र वार्ता को तैयार हैं लेकिन यह वार्ता बंद कमरे में नहीं होगी.
बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस
इससे पहले बुधवार शाम को छात्र नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि सरकार से वार्ता केवल धरनास्थल पर मौजूद उनके मंच पर ही होगी या फिर कम से कम दो मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में होगी. जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के कोर कमेटी सदस्य रविंद्र पासवान और पीयूष ने इस प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि एसडीएम और एसडीओ के माध्यम से राज्य सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिला है. रविंद्र पासवान ने कहा था कि बातचीत में पांच प्रतिनिधि शामिल होंगे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रों का यह आधिकारिक बयान है या फिर महज भीड़ को लेकर कही गई.
ये प्रमुख तीन मांगें
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पहली मांग स्थानीय जांच एजेंसियों के बजाय परीक्षाओं में हुई धांधलियों की सीबीआई जांच हो. दूसरी प्रमुख मांग है 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए, क्योंकि इसमें व्यापक तौर पर गड़बड़ियों के आरोपों व तथ्य सामने आए हैं. इसके अलावा तीसरी मांग है टीडीपीएल की ओर से जेपीएससी व जेएसएससी के लिए आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच हो.
मंच ने जेएसएससी-सीजीएल समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई विसंगतियों को दूर करने, ओएमआर शीट और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने व जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक प्रशासनिक एवं संरचनात्मक सुधार करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई है.


