रांची: झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले कुख्यात आतंकी सैयद अर्शियान उर्फ हैदर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. जमशेदपुर के मानगो (आजाद बस्ती, रोड नंबर-14) का निवासी सैयद अर्शियान उर्फ हैदर (उम्र लगभग 40 वर्ष) लंबे समय से देश से फरार है. सीबीआई के विशेष अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है.
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‘आतंकवाद का इंजीनियर’
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अर्शियान को ‘आतंकवाद का इंजीनियर’ माना जाता है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के लिए आत्मघाती ड्रोन और छोटी दूरी की मिसाइलों को डिजाइन करने में माहिर माना जाता है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला अर्शियान साल 2017 से तुर्किए में रह रहा है और हाल के दिनों में उसका लोकेशन भी तुर्किए का मिला है. इससे पहले अर्शियान के भाई सैयद जीशान अली हैदर को 10 अगस्त 2017 को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है.
अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क में नाम
वहीं रांची निवासी महिला प्रेरणा कुमार का नाम अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी में सामने आने के बाद डिफ्यूजन नोटिस के तहत जांच तेज कर दी गई है. इन दोनों आतंकियों को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और इंटरपोल पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं. राजधानी रांची की मूल निवासी प्रेरणा कुमार (पिता: प्रभास कुमार) का नाम मॉस्को (रूस) में दर्ज एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के मामले से जुड़ने के बाद हड़कंप मच गया है. झारखंड के आपराधिक इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है, जब राज्य की किसी महिला का नाम इतने बड़े स्तर के अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क में सामने आया है.
नेपाल NCB का भारतीय एजेंसी को पत्र
नेपाल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ई-मेल के जरिए भारत के एनसीबी और मॉस्को एनसीबी को सूचित किया कि प्रेरणा कुमार काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत के लिए रवाना हुई थी. नेपाली एजेंसी ने डिफ्यूजन नोटिस के साथ संदिग्ध महिला के पासपोर्ट और बोर्डिंग पास की कॉपी को भी भारतीय एजेंसी के साथ साझा किए हैं. इसके बाद एनसीबी नई दिल्ली से निर्देश मिलने के बाद झारखंड पुलिस की सीआईडी मुख्यालय टीम अब प्रेरणा कुमार के रांची स्थित पते और पृष्ठभूमि का सत्यापन कर रही है.
क्या होता है डिफ्यूजन नोटिस?
डिफ्यूजन नोटिस इंटरपोल के सदस्य देशों के बीच किसी संदिग्ध व्यक्ति या अपराध से संबंधित जांच जानकारी जल्दी साझा करने के लिए जारी किया जाता है. यह रेड कॉर्नर नोटिस की तुलना में कम औपचारिक होता है और इसका उद्देश्य व्यक्ति को तुरंत दोषी साबित करना नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है.


