पटना: बिहार के लोगों को जल्द ही हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है। इस ट्रेन के शुरू होने के बाद पटना से दिल्ली का सफर करीब 4 से 5 घंटे में पुरी होने की उम्मीद है। दिल्ली-वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन चलाने की योजना प्रस्तावित है।
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मिली जानकारी के मुताबिक, स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड NHSRCL की ओर से इस कॉरिडोर के लिए डीपीआर रिपोर्ट बना ली गई है। और इस रिपोर्ट को रेल मंत्रालय को भी सौंप दिया गया है। इस परियोजना के लिए करीब 865 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछाया जाएगा। साथ ही पटना के अलावा कई जिलों में भी बुलेट ट्रेन गुजरेगी।
इस कार्य को जल्दी पूर्ण करने के लिए अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इंडियन रेल्वे की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों से आवेदन भी मांगे गए हैं। इनकी नियुक्ति 30 दिनों में किए जाने की बात भी कही गई है। इसके अलावा वरिष्ठ टेक्नोक्रट्स की नियुक्ति को भी तेज कर दी गया है।
जानकारी के अनुसार, नियुक्ति को लेकर 7 सितंबर 2026 को ही दो अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इस सूचना के मुताबिक तीन ओएसडी और तीन एजीएम लेवल के अधिकारियों के नियुक्ति की भी बात सामने आई थी। इन नियुक्त किए गए अधिकारी ही पटना, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और नोएडा में पूरे प्रोजेक्ट का काम देखेंगे और संचालित करेंगे।
इसी के साथ बिहार के लोगों को हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की सुविधा आने वाले कुछ सालों में मिल सकती है। फिलहाल पटना से दिल्ली आने जाने में करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं लेकिन आने वाले दिनों में इस यात्रा को 4-5 घंटे में पूरा कर किया जाएगा।
इस परियोजना से बिहार के उन हजारों परिवारों को बड़ा फायदा हो सकता है, जिनके बच्चे या परिवार के सदस्य दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के शहरों में नौकरी या पढ़ाई करते हैं। छठ और दिवाली जैसे त्योहारों पर घर आने-जाने में होने वाली परेशानी भी कम हो सकती है। बुलेट ट्रेन का फायदा सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर बिहार को देश के बड़े शहरों और आर्थिक केंद्रों से जोड़ सकता है। इससे नौकरी, कारोबार, पढ़ाई, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं। दिल्ली का कोई कारोबारी कुछ घंटों में पटना पहुंच सकेगा और बिहार के कारोबारी भी दिल्ली तक आसानी से आ-जा सकेंगे


