रांची: झारखंड छात्र संघ ने जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में ओएमआर शीट में कम अंक आने के बावजूद अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा के लिए किए गए चयन पर सवाल उठाए हैं. सोमवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में संघ के कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा करवाने में शामिल एजेंसियां अभय तिवारी सिर्फ एक मोहरा है, पूरे मामले में मुख्य साजिशकर्ता कोई और है.
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उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़ा नहीं है बल्कि अन्य परीक्षाओं में भी इस तरह की अनियमितता हुई है. ऐसे में उन्होंने मांग की कि TDPL एजेंसी ने बीते कुछ वर्षों में जेपीएससी और JSSC की जितनी भी परीक्षा का संचालन किया उन सभी परीक्षाओं की जाँच होनी चाहिए. इस दौरान प्रेस कांफ्रेंस में झारखंड छात्र संघ के प्रकाश पोद्दार, रविकांत और श्वेता प्रधान भी मौजूद थे।
आयोग मुख्य परीक्षा की कॉपी कभी नहीं दिखती ये नियमों का उल्लंघन है. मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच CBI से करवाने का आग्रह. वर्ष 2024 में हुए JSSC-CGL की परीक्षा हुई थी उससे पहले उसका पेपर वायरल हो गया था. सीआईडी ने जाँच भी की लेकिन अब तक क्या हुआ यह खुलासा नहीं हुआ. हमलोग इस पूरे मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल करेंगे और 14 JPSC के मामले को लेकर न्यायिक प्रक्रिया अपनायेंगे.


