नई दिल्ली : सोमवार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आज शांतिपूर्ण संसद मार्च का आह्वान किया गया है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है लेकिन सीजेपी का कहना है कि वो फिर भी मार्च निकालेंगे, इसमें विपक्षी दलों के कुछ सांसदों के शामिल होने की चर्चा भी है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की अगुवाई में सीजेपी समर्थक संसद की ओर मार्च करेंगे. इस बीच जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में लोग रविवार रात से ही मौजूद हैं और संसद मार्च में शामिल होने की तैयारी में हैं.
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इससे पहले रविवार को दिल्ली पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर यह स्पष्ट किया था कि 20 मार्च को किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही कोई अनुमति दी गई है. प्रेस रिलीज़ में दिल्ली पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ बीएनएस की धारा 223 और अन्य संबंधित क़ानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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संसद मार्च शुरू होने के ठीक पहले सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट पर दावा किया है कि ‘दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पहले से ही पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा कर दिया है.’
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस को शर्म आनी चाहिए! जंतर-मंतर पर पहले से ही पत्थरों से भरा एक ट्रक और एक टूटी हुई वैन रखी गई है. जल्द ही गोदी मीडिया ऐसी खबरें चलाएगा कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए वैन में तोड़फोड़ की.”
दीपके ने लिखा, “पुलिस अधिकारी क्या कर रहे हैं? क्या वे सीजेपी के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाज़ी करवाने की तैयारी कर रहे हैं? हमें जानकारी मिली है कि अधिकारी कुछ बहुत बुरा करने की योजना बना रहे हैं. वे गुंडों को प्रदर्शन में बाधा डालने की इजाज़त देंगे और फिर इसका आरोप शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लगा देंगे.”
जंतर मंतर पर पुलिस बल तैनात

वहीं प्रस्तावित संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. धरना स्थल के पास कई चरणों में बैरिकेडिंग की गई है. धरना स्थल की एग्ज़िट लेन में करीब चार लेयर की बैरिकेडिंग की गई है. इस लेन में करीब सात फीट ऊंचे बैरिकेड भी लगाए गए हैं.
डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, “नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रोहिबिटरी ऑर्डर लागू है. इसके तहत जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर, पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, विरोध मार्च निकालने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है.”
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज
इधर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की लगातार निगरानी करने का पुलिस पर आरोप लगाते हुए दायर की गई जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई होगी। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष आइसा घोष ने याचिका दायर कर कहा कि यह प्रदर्शनकारियों की निजता, सम्मान, अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।


