न्यूज़ डेस्क: पूरे देश में आज रथ यात्रा की धूम देखने को मिल रही है. मुख्य उत्सव ओडिशा के पुरी में होना है, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के लिए देशभर के श्रद्धालु ओडिशा पहुंचे हैं। सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले भारी बारिश के बीच भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। रथ यात्रा आज से शुरू हो रही है और 27 जुलाई को नीलाद्री बीजे से इसका समापन होगा.
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आज धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग रथों पर सवार होंगे। फिर वहां उनके रथों को मोटे-मोटे रस्सों से खींचकर रथ को गुंडिचा मंदिर ले जाया जाएगा। इसके लिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथ – नंदीघोष, दर्पदलन और तालध्वज – को पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर रखा गया है। ये रथ आज शुरू होने वाली सालाना रथ यात्रा के लिए हैं।
रथ यात्रा के दौरान नृत्यांगनाओं का नृत्य एक प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विशेष रूप से पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में ओडिशी नृत्यांगनाएं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत करती हैं। यह प्रस्तुति केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भगवान के प्रति समर्पण और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है।


