नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अब तक हुई जांच की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : झारखंड के जेल आईजी व 2006 बैच के IPS अधिकारी सुदर्शन मंडल अस्पताल में भर्ती, सीने में तेज दर्द व बेचैनी की शिकायत
सीलबंद जांच रिपोर्ट
लाइव लॉ के मुताबिक़, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच की रिपोर्ट सीलबंद लिफ़ाफ़े में दाखिल की जाएगी. इस मामले में एक याचिका नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने दाखिल की है, जिसमें उन्होंने कथित चंदा चोरी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की जांच सीएजी कराने की मांग भी की है.
याचिका में की गई मांग
वहीं, अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर एक याचिका में भी सीबीआई जांच की मांग की गई है. याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दानदाताओं के हितों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है. सभी याचिकाओं में राम मंदिर को मिले दान और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. अब 20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जब एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के जवाब अदालत के सामने रखे जाएंगे.

