देवघर: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने देवघर एम्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान से लगातार मरीजों को सदर अस्पताल रेफर किया जा रहा है, जबकि उन्हीं मरीजों का उपचार सदर अस्पताल के चिकित्सक सफलतापूर्वक कर रहे हैं। ऐसी स्थिति एम्स की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चिकित्सा संस्थानों का उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, न कि राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनना। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी समझते हुए मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने एम्स प्रबंधन से रेफरल की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से आत्ममंथन करने और संस्थान की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि जनता को एम्स से उच्चस्तरीय इलाज की अपेक्षा है, इसलिए संस्थान को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना चाहिए।


