Friday, July 10, 2026

वैश्विक निवेश और औद्योगिक साझेदारी का उभरता केंद्र बना झारखंड, FICCI, CII, ईज़माईट्रिप समेत कई अन्य ने झारखंड संग साझेदारी में दिखाई रुचि

रांची: झारखंड सरकार की ओर से नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दूसरे दिन आयोजित बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने देश-विदेश के प्रमुख उद्योग संगठनों, वैश्विक निवेशकों तथा कॉर्पोरेट प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में पर्यटन, विनिर्माण, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, औद्योगिक अवसंरचना तथा निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

दीर्घकालिक साझेदारी में सिंगापुर की रुचि

भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने में गहरी रुचि व्यक्त की। बैठक में निवेश आकर्षित करने, विश्वस्तरीय स्किल सेंटर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, सिंगापुर के सफल व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉडल को अपनाने, उद्योग एवं कौशल मानचित्रण तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, अस्पताल अवसंरचना और प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। साथ ही राज्य के उद्योगों, कार्यबल एवं कौशल आवश्यकताओं का व्यापक मानचित्रण कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा निवेश एवं क्षमता निर्माण के लिए एक लक्षित रोडमैप तैयार करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए भविष्य की साझेदारी के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने का भरोसा दिया।

CII का झारखंड को प्रस्ताव

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में सौर एवं पवन ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग, ट्रांसमिशन अवसंरचना, ग्रिड आधुनिकीकरण, सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण तथा डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में निवेश संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए राज्य में हरित ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास को गति देने के लिए निरंतर संवाद एवं सहयोग का आश्वासन दिया।

डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पर FICCI की रुचि 

फिक्की (FICCI) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड को प्रकृति पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग, स्पोर्ट्स टूरिज्म तथा एमआईसीई (MICE) पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए पर्यटन अवसंरचना, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रशिक्षित स्थानीय पर्यटक गाइड, आतिथ्य क्षेत्र में सुधार तथा बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने के सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का सशक्त माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्यटन संवर्धन के लिए MOU 

ईज़माईट्रिप (EaseMyTrip) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के साथ पर्यटन संवर्धन के लिए ए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। कंपनी ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को झारखंड लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री ने इस पहल का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

मेकमाईट्रिप (MakeMyTrip) के प्रतिनिधियों ने भी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं व्यापक विपणन नेटवर्क के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार में राज्य सरकार के साथ साझेदारी करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे राज्य की पर्यटन क्षमता को व्यापक पहचान मिल सके।

ई-साइकिल विनिर्माण इकाइयों

मुख्यमंत्री ने हीरो साइकिल्स एवं एवन साइकिल्स के प्रतिनिधियों के साथ झारखंड में साइकिल एवं ई-साइकिल विनिर्माण इकाइयों की स्थापना पर भी विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों, पर्याप्त औद्योगिक भूमि, मजबूत इस्पात आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, बेहतर लॉजिस्टिक्स तथा कुशल मानव संसाधन के माध्यम से निवेशकों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। बैठक में ₹500 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक के संभावित निवेश के माध्यम से समेकित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में फिक्की टूरिज्म फेडरेशन ने रांची में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला गोल्फ कोर्स एवं गोल्फ पर्यटन केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, आतिथ्य एवं रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा झारखंड राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से उभरेगा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ाने की सहमति जताई।

सीएम हेमंत सोरेन का मुख्य फोकस

बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों और निरंतर संवाद के माध्यम से राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन बैठकों से प्राप्त सुझाव एवं संभावित साझेदारियां झारखंड को निवेश, उद्योग, पर्यटन, हरित ऊर्जा और सतत आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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