रांची : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में गुरूवार को 10 लाख रूपये के बदले JSSC पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का प्रयास करने का मामला सामने आया है. इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से एक युवक को रंगेहाथ पकड़कर चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी के पास से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं.
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ऐसे ठग को पकड़ा गया
इस मामले को लेकर पीड़ित अभ्यर्थी ने बताया कि बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अपने आप को JSSC कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि अभ्यर्थी की पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर सरकारी नौकरी पक्की हो गई है, लेकिन इसके लिए तुरंत 10 लाख रुपये का प्रबंध करना होगा. फोन करने वाले ने यह धमकी भी दी कि अगर रुपये नहीं मिले, तो यह मौका किसी दूसरे कैंडिडेट को दे दिया जाएगा.
इस बातचीत के बाद पीड़ित ने इस मामले की जानकारी गांव वालों को देते हुए आरोपी को पैसे देने के बहाने गुरुवार को बड़ामटांड़ गांव बुलाया. जैसे ही युवक पैसे लेने गांव पहुंचा, वहां मौजूद ग्रामीणों ने पकड़ा और चौका थाना की पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया. पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी युवक बेरोजगार अभ्यर्थियों को जाल में फंसाकर उनसे एडवांस के तौर पर दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और उनके सारे मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने पास जमा करवा लेता था.
आरोपी के पास से बरामद सामान
चौका थाना पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी के बैग की बारीकी से तलाशी ली, तो उसके बैग से जेएसएससी भर्ती से संबंधित कई सरकारी फॉर्म, विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और कई अन्य गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं. चौका थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द से जल्द दबोचा जा सके.


