रांची : जिले के बुण्डू इलाके में पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक पत्नी ने अपने अवैध संबंध को बरकरार रखने के लिए पति के खिलाफ ऐसी खौफनाक साजिश रची जिसने लोगों को हैरान कर दिया. महिला ने प्रेमी संग मिलकर पहले पति की बेरहमी से हत्या करवाई, फिर पहचान छिपाने के लिए उसका सिर काटकर अलग कर दिया और धड़ को पेट्रोल डालकर जंगल में जला दिया। पुलिस ने इस मामले में महिला व उसके प्रेमी को गिरफ़्तार कर लिया है.
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19 जून को मिला था शव
इस मामले के खुलासे के लिए रांची पुलिस की ओर से गठित SIT ने इस कांड का उद्भेदन करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बीते 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के सुमानडीह गांव के पास महादेवटांड़ के जंगल से एक सिरकटा अज्ञात पुरुष का अधजला शव बरामद किया था। मामले की छानबीन के दौरान पुलिस ने मृतक के दाहिने हाथ की कलाई पर मौजूद एक टैटू पर पुलिस की नजर पड़ी, जो मामले का खुलासे का सबसे बड़ा सुराग बन गया।
ऐसे हुई मृतक की पहचान
मृतक की कलाई पर ‘Sanjoy Raj @ Pal’ लिखा हुआ था। ग्रामीण एसपी के नेतृत्व वाली एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोला निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में की. पुलिस के मुताबिक, मृतक संजय लोहरा की पत्नी सुबोधनी देवी का पिछले दो साल से तमाड़ के धोबी टोला रहने वाले रमन कुमार सेठ के साथ अवैध प्रेम संबंध चल रहा था।
पति संजय को जब अपनी पत्नी के इस अवैध संबंध की भनक लगी, तो घर में आए दिन विवाद होने लगा. ऐसे में पति को प्यार की राह में रोड़ा बनता देख पत्नी सुबोधनी ने खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया और अपने प्रेमी रमन के साथ मिलकर संजय को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और इसके लिए बकायदा सुपारी भी दी गई। साजिश के तहत 18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति संजय लोहरा को शादी कार्यक्रम में जाने का बहाना बनाकर बुण्डू बुलाया।
सोनाहातु जाने के क्रम में हत्या
सोनाहातु में शादी होने की बात पर जब संजय अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल पर बिठाकर निकल पड़ा तो रास्ते में आड़िया सतिया नदी के किनारे सुबोधनी ने शौच का बहाना बनाकर बाइक रूकवाई. सुबोधनी नदी की तरफ चली गई तो वहां पहले से घात लगाए बैठे उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो अन्य साथियों के साथ ऑल्टो कार से पहुंचा और सबने मिलकर संजय लोहरा को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और फिर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद वे शव को ऑल्टो कार में लादकर बुण्डू के सुमानडीह जंगल ले गए। वहां उन्होंने धारदार हथियार (चापड़) से संजय का सिर धड़ से अलग कर दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए धड़ पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जबकि सिर को तमाड़ के रानी वन जंगल में जमीन के नीचे गाड़ दिया। पुलिस को भटकाने के लिए संजय की बाइक को तमाड़ के बबईकुढ़ी के पास लावारिस छोड़ दिया गया था।
तकनीकी साक्ष्यों के जरिए खुलासा
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक (FSL) टीम की मौजूदगी में रानी वन जंगल की खुदाई करवाकर मृतक संजय का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया है।
इसके साथ ही पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार (चापड़), वारदात में शामिल ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मृतक की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। इस पूरे अंधे कत्ल को सुलझाने में बुण्डू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश, थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो, सब-इंस्पेक्टर रंजीत कुमार महतो, रूपलाल प्रसाद और तकनीकी शाखा की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई।




