रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की तत्कालीन बीडीओ अन्वेष के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है. बीडीओ अन्वेषा ओना पर पंचायत सचिव सुखलाल महतो को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था. यह मामला 15 जून 2025 का था और इसमें डुमरी बीडीओ, रोजगार सेवक, पीएम आवास योजना के ब्लॉक कोआर्डिनेटर और बलथरिया पंचायत के मुखिया पति पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
Highlights:
“तुम-ताम” या “मेरे-तेरे” कहकर बुलाना गलत नहीं
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट ने डुमरी थाना में दर्ज कांड संख्या 70/2025 से जुड़े मामले में कहा कि मृतक को सिर्फ़ “तुम-ताम” या “मेरे-तेरे” कहकर बुलाना आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा नहीं है। कोर्ट ने माना कि अगर दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह सच भी मान लिया जाए तो भी वे भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।
इसे भी पढ़ें : रांची : स्मार्ट सिटी परिसर में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, धुर्वा से ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ़्तार
बीडीओ ने दायर की थी याचिका
पिछले साल 15 जून को पंचायत सचिव सुखलाल महतो की मौत होने के बाद बीडीओ अन्वेषा ओना ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी का व्यवहार ऐसा होना चाहिए जिससे मृतक के पास आत्महत्या करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता न बचे लेकिन इस मामले में ऐसा कोई निरंतर आचरण दिखाई नहीं देता.
कोर्ट ने कहा कि तुम-ताम या तेरे-मेर कहना किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की श्रेणी में नहीं आता. यह एक सामान्य टिप्पणी हो सकती है लेकिन उकसावा नहीं. अदालत ने राज्य सरकार के जवाबी हलफनामे का संज्ञान लेते हुए यह भी नोट किया कि जांच के दौरान गवाहों के बयानों से बीडीओ द्वारा ऐसे अपशब्दों के प्रयोग की बात सही नहीं साबित हुई.
परिजनों के लगाए गए आरोप
दरअसल मृतक पंचायत सचिव सुखलाल महतो के परिजनों ने आरोप लगाया था कि बीडीओ उनके साथ अक्सर दुर्व्यवहार करती थीं और बात-बात पर तुम-ताम और तेरे-मेरे जैसे शब्दों का प्रयोग कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं जिससे तंग आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया. इसके बाद बीडीओ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.




