नई दिल्ली : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों की बैठक बुलाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि की है कि सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने मानसून सत्र के आयोजन को मंजूरी दी है।
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टीएमसी व शिवसेना (यूबीटी) में बगावत
संसद के इस मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत का असर भी देखने को मिलेगा। तृणमूल कांग्रेस के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की अलग समूह के तौर पर मान्यता की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले का इंतजार है। वहीं राज्यसभा में नए चुने गए और दोबारा चुने गए सदस्यों के शपथ लेने के बाद संख्या बल सत्ताधारी गठबंधन राजग के पक्ष में और मजबूत हो गया।
परिसीमन बिल हो सकता पेश
पिछले सत्र में सरकार के लिए निराशाजनक रहा था क्योंकि लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था, जिसका मकसद 2029 में विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था। सरकार अब विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा सीटों को एकसमान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, आबादी के आधार पर सीटों में बढ़ोतरी दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक दलों के लिए चिंता का बड़ा विषय रहा है।




